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बैगा जनजाति की महिला के गले में दुर्लभ कैंसर:सिम्स के डॉक्टरों ने 5 घंटे के ऑपरेशन से बचाई जान,लाखों के खर्च वाला इलाज मुफ्त

03 Aug 2025 | WEENEWS DESK | 94 views
बैगा जनजाति की महिला के गले में दुर्लभ कैंसर:सिम्स के डॉक्टरों ने 5 घंटे के ऑपरेशन से बचाई जान,लाखों के खर्च वाला इलाज मुफ्त

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी इलाके से ताल्लुक रखने वाली 25 वर्षीय बैगा जनजाति की महिला को एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर होने की पुष्टि हुई। लेकिन राहत की बात यह रही कि सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), बिलासपुर की टीम ने बिना किसी खर्च के इस जटिल कैंसर का सफल इलाज किया। अब महिला की हालत तेजी से बेहतर हो रही है। महिला के गले के दाईं ओर नींबू के आकार की सूजन लंबे समय से धीरे-धीरे बढ़ रही थी। हाल के दिनों में उसमें रक्तस्राव भी होने लगा। स्थानीय डॉक्टर ने तुरंत ही उसे सिम्स रेफर कर दिया। वहां कराई गई एमआरआई, सीटी स्कैन और एफएनएसी ( फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी ) रिपोर्ट से पता चला कि उसे हर्थल सेल कार्सिनोमा नामक एक बहुत ही दुर्लभ कैंसर है, जो शुरुआत में थायरॉयड ग्रंथि से जुड़ा माना गया।

महिला का पूरा शरीर स्कैन कर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंसर कहीं और नहीं फैला है। इसके बाद ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पांडे के नेतृत्व में तुरंत सर्जरी की योजना बनाई गई। सर्जरी में डॉ. वी.बी. साहू, डॉ. श्वेता मित्तल, डॉ. ज्योति वर्मा और पीजी स्टूडेंट्स की टीम शामिल रही। करीब 5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में पता चला कि ट्यूमर थायरॉयड नहीं, बल्कि पैरोटिड ग्रंथि (लार ग्रंथि) से निकला है। पूरी ग्रंथि को निकालते हुए गले की सर्जरी (नेक डिसेक्शन) की गई। एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. मधुमिता मूर्ति के नेतृत्व में डॉ. श्वेता कुजूर ने एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान दीपा, रितु और देव जी जैसे नर्सिंग स्टाफ ने भी पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जब सर्जरी की जानकारी सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति को हुई और उन्हें यह पता चला कि महिला बैगा जनजाति से है, तो उन्होंने तत्काल सर्जरी को निःशुल्क कराने का निर्देश दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया। नतीजा यह रहा कि लाखों रुपए की जांचें, ऑपरेशन और भर्ती का पूरा खर्च सरकारी अस्पताल ने वहन किया।अब महिला की हालत पहले से काफी बेहतर है और इलाज के बाद वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।


WEENEWS DESK
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