डेस्क। LIFE & SAFETY NEWS: आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट ने जिंदगी को जितना आसान बनाया है, उतना ही पर्सनल लाइफ के लिए जोखिम भरा भी बना दिया है। चैट, फोटो, वीडियो और वीडियो कॉल अब रिश्तों का हिस्सा बन चुके हैं। कपल्स के बीच ऑनलाइन रोमांस भी आम हो गया है, जिसे सेक्सटिंग (Sexting) कहा जाता है। लेकिन यही ऑनलाइन नजदीकियां कई बार बड़ी मुसीबत की वजह बन जाती हैं। एक बार आपका फोटो, वीडियो या चैट किसी और के पास पहुंच गया और इंटरनेट पर गया, तो उसे पूरी तरह हटाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
क्या होती है Sexting चैट?
सेक्सटिंग का मतलब है मोबाइल या इंटरनेट के जरिए पार्टनर के साथ सेक्सुअल मैसेज, फोटो, वीडियो या वीडियो कॉल पर निजी बातें शेयर करना। यह बाहर से जितना निजी और सुरक्षित लगता है, अंदर से उतना ही खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब रिश्ता टूट जाए या भरोसा डगमगा जाए।
ऑनलाइन रोमांस कितना सुरक्षित है?
कई बार लोग बिना जाने-समझे वीडियो कॉल या चैट के दौरान प्राइवेट मोमेंट्स शेयर कर देते हैं। लेकिन सामने वाला स्क्रीन रिकॉर्डिंग या चैट सेव कर सकता है। बाद में यही कंटेंट ब्लैकमेलिंग, बदला या सोशल मीडिया पर वायरल होने का कारण बन सकता है। इंटरनेट पर डाली गई चीजें सेकंडों में हजारों जगह पहुंच जाती हैं।
एक बार डेटा गया, तो वापस नहीं आता
अक्सर लोग सोचते हैं कि शिकायत करने से फोटो या वीडियो हट जाएगी, लेकिन सच्चाई यह है कि इंटरनेट पर गया डेटा पूरी तरह खत्म नहीं होता। कई बार हटने के बाद भी वही कंटेंट दोबारा सामने आ जाता है और जिंदगी भर का तनाव बन जाता है।
कभी न लें यह रिस्क
मोबाइल पर न्यूड चैट, प्राइवेट फोटो या वीडियो शेयर करना बेहद जोखिम भरा है। प्यार और भरोसा अपनी जगह है, लेकिन डिजिटल सेफ्टी उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। सामने वाला इसका क्या इस्तेमाल करेगा, यह आपके कंट्रोल में नहीं होता।
सुरक्षित रहने के आसान तरीके
ऑनलाइन बातचीत में लिमिट रखें, पहचान दिखाने वाले फोटो या वीडियो शेयर न करें, मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और प्राइवेसी सेटिंग्स रखें। सबसे जरूरी बात—अगर मन में जरा सा भी शक हो, तो रुक जाना ही सबसे समझदारी है।