मुख्यमंत्री से नहीं मिला स्पष्ट ठोस आश्वासन, पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट के बाद ही सिहोरा जिला पर निर्णय
सिहोरा
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से हुई चर्चा में सिहोरा को जिला बनाए जाने को लेकर कोई तत्काल और ठोस आश्वासन नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पुनः दोहराया कि मध्य प्रदेश में वर्तमान जिलों में व्याप्त जनसंख्या असंतुलन एवं क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने जिला एवं संभाग पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। आयोग की रिपोर्ट लगभग एक वर्ष बाद आने की संभावना है, जिसके पश्चात ही नए जिलों और संभागों के गठन पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा प्रस्तुत सिहोरा जिले के दावे को पुनर्गठन आयोग को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सिहोरा को जिला बनाए जाने के प्रस्ताव का परीक्षण कर उचित एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जबलपुर को एक मेट्रोपोलियन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, और इस विकास प्रक्रिया में सिहोरा को शामिल करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विधायक संतोष बरकड़े के मोबाइल फोन से सिहोरा में आमरण/अन्न सत्याग्रह कर रहे प्रमोद साहू से भी प्रत्यक्ष बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सिहोरा जिले के दावे का विधिवत परीक्षण कराया जाएगा तथा पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद इस विषय में निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रमोद साहू से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सत्याग्रह समाप्त कर भोजन ग्रहण करने का निवेदन भी किया।
इस चर्चा में सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े, पूर्व विधायक दिलीप दुबे सहित लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल सिहोरा लौटकर आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर समीक्षा बैठक करेगा, जिसके बाद ही किसी अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी।