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25 वर्षों की परंपरा: बिलासपुर व्यापार मेले में उमड़ा जनसैलाब, सुई से लेकर जेसीबी तक एक ही छत के नीचे

30 Jan 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 19 views
25 वर्षों की परंपरा: बिलासपुर व्यापार मेले में उमड़ा जनसैलाब, सुई से लेकर जेसीबी तक एक ही छत के नीचे

बिलासपुर। शहर के सरकंडा स्थित साइंस कॉलेज मैदान में इन दिनों व्यापार और उद्योग का महाकुंभ लगा हुआ है। बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार नए कलेवर में नजर आ रहा है। 29 जनवरी से शुरू हुआ यह मेला 3 फरवरी तक चलेगा। आयोजन के दूसरे दिन मेले में न केवल शहर के लोगों की भीड़ उमड़ी बल्कि तखतपुर और कोटा के विधायकों सहित प्रदेश के बड़े व्यापारिक नेताओं ने भी शिरकत की। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के संदेश के साथ सजे इस मेले में सुई से लेकर जेसीबी जैसी भारी मशीनरी तक उपलब्ध है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम कर रही हव्यापार रत्न से नवाजे गए प्रदेश के 50 कारोबारी


मेले के दूसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न सम्मान समारोह रहा। इस दौरान प्रदेश के सभी 33 जिलों से चुनकर आए 50 उत्कृष्ट व्यापारियों को उनके व्यापारिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सतीश थौरानी और भागचंद बजाज ने बताया कि ऐसे आयोजनों से छोटे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। सम्मान समारोह के दौरान मंच पर पूर्व अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी और सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। अतिथियों ने कहा कि बिलासपुर का यह मेला अब छत्तीसगढ़ की व्यापारिक पहचान बन चुका है।मैराथन से हुई सुबह, गांधीजी के विचारों से सजी शाम


मेले के दूसरे दिन की शुरुआत काफी जोश भरी रही। सुबह सद्भावना मैराथन का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों नागरिकों ने हिस्सा लेकर स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का संदेश दिया। वहीं शाम को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी मजबूरी नहीं मजबूती का नाम है विषय पर एक खास गोष्ठी हुई। इस कार्यक्रम में आधारशिला ग्रुप के डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव और डॉ. किरण पाल सिंह चावला ने बताया कि गांधीजी के बताए स्वदेशी के रास्ते पर चलकर ही हम वास्तव में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इस दौरान आधारशिला न्यू सैनिक स्कूल के बच्चे भी मौजूद रहे जिन्होंने गांधीवादी मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।


BNI मेला स्थानीय प्रतिभा और रोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम:धर्मजीत सिंह


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने स्टॉलों का भ्रमण करने के बाद बताया कि बीएनआई मेला केवल खरीदने की जगह नहीं है बल्कि यह स्थानीय प्रतिभा और रोजगार को बढ़ावा देने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को रायपुर की तर्ज पर विकसित करने के लिए व्यापारी और नेताओं को मिलकर काम करना होगा।

छोटे स्टार्टअप और बड़े उद्योगों का साथ होना राज्य की तरक्की का संकेत : अटल श्रीवास्तव


कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि 25 साल पहले हरीश केडिया ने जो छोटा सा बीज बोया था, वह आज बीएनआई और डॉ. किरण पाल सिंह चावला के प्रयासों से एक विशाल वटवृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि एक ही मंच पर छोटे स्टार्टअप और बड़े उद्योगों का साथ होना राज्य की तरक्की का संकेत है।

100 से ज्यादा फूड स्टॉल और निशुल्क प्रवेश


मेले की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यहाँ का खुला माहौल और निशुल्क प्रवेश है। 29 जनवरी से 3 फरवरी तक सुबह 10 से रात 10 बजे तक संचालित इस मेले में लोगों के मनोरंजन और स्वाद का भी पूरा ख्याल रखा गया है। यहाँ 100 से अधिक फूड स्टॉल लगाए गए हैं जहाँ लोग छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ देश-विदेश के जायकों का लुत्फ उठा रहे हैं। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, हेल्थ और टेक्नोलॉजी से जुड़े सैकड़ों स्टॉल यहाँ व्यापारियों और ग्राहकों के बीच सीधा संवाद कायम कर रहे हैं।



बीएनआई परिवार सदस्यों ने बताया कि अगले तीन दिनों में मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्यापारिक कार्यशालाओं

का आयोजन भी किया जाएगा।





JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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