चेतावनी बोर्ड के नीचे फिर सजे फल-सब्जी के ठेले, प्रशासन की कार्यवाही पर उठे सवाल
सिहोरा
गुरुवार की रात मंदिर-मस्जिद विवाद के बाद हुए पथराव और दूसरे दिन पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में हुए उपद्रव के दौरान सड़क किनारे बेतरतीब लगे फल-सब्जी के ठेलों को उपद्रवियों ने पलटकर बिखेर दिया था। इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में चेतावनी और जुर्माने से संबंधित बोर्ड लगाए गए थे, ताकि सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्था पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद उसी चेतावनी बोर्ड के नीचे फिर से फल-सब्जी के ठेले सज गए हैं। ठेले संचालकों द्वारा पुनः सड़क किनारे दुकानें लगाए जाने से प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चेतावनी बोर्ड लगाने के बाद प्रशासन ने कोई ठोस निगरानी या कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति फिर पहले जैसी होती दिखाई दे रही है।
क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में पुनः विवाद, अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति बन सकती है। यह सब प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पुराने बस स्टैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई भी आवश्यक है, ताकि शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।