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महासमुंद में नियमों को ठेंगा दिखाकर महानदी का सीना छलनी कर रहे रेत माफिया, सोया प्रशासन

09 Jan 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 34 views
महासमुंद में नियमों को ठेंगा दिखाकर महानदी का सीना छलनी कर रहे रेत माफिया, सोया प्रशासन

महासमुंद। जिले में रेत के अवैध कारोबार ने सारे कायदे-कानूनों को दफन कर दिया है। रोक के बावजूद महानदी और सूखा नदी के घाटों पर चैन माउंटेन मशीनें दहाड़ रही हैं और अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। जिला कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री और पार्षद विजय साव ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह सब प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है। आलम यह है कि बडगांव, बरबसपुर और चिंगरौद जैसे गांवों में दिनदहाड़े बड़े-बड़े हाइवा रेत भरकर दौड़ रहे हैं। इन भारी वाहनों की रफ्तार ने स्कूली बच्चों और आम राहगीरों का सड़क पर चलना मुहाल कर दिया है। सरकार को हर दिन लाखों के राजस्व का चूना लग रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल सन्नाटा पसरा है।


एनजीटी के नियमों की उड़ी धज्जियां, माफिया बेखौफ


हैरानी की बात यह है कि एनजीटी ने नदी में भारी मशीनों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगा रखी है, लेकिन महासमुंद में माफिया खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। विजय साव ने बताया कि बरबसपुर और बडगांव में रात-दिन चैन माउंटेन से खुदाई चल रही है। कई जगहों पर तो रेत डंप करने का परमिशन लेकर सीधे नदी से रेत चोरी का धंधा चमक रहा है। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो पुलिस का डर है और न ही खनिज विभाग का।


सत्ता पक्ष की चुप्पी और सरकारी मिलीभगत का खेल


इस अवैध कारोबार पर सबसे बड़ा सवाल सत्ता पक्ष की चुप्पी पर उठ रहा है। पार्षद साव का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी यह साफ बता रही है कि खनन माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है। जब अधिकारी और रसूखदार लोग ही इस काले धंधे को मौन स्वीकृति दे रहे हों, तो कार्रवाई की उम्मीद किससे की जाए? जिले के जिम्मेदार लोग अब तक इस पर जवाब देने से बच रहे हैं कि प्रतिबंध के बाद भी मशीनों का इस्तेमाल कैसे हो रहा है।


हजारों की जान जोखिम में, डर के साए में ग्रामीण


गांवों से गुजरते रेत से लदे हाइवा मौत बनकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल और शोर के बीच बच्चों को स्कूल भेजना अब किसी खतरे से कम नहीं है। विजय साव ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इन मशीनों को जब्त नहीं किया गया और माफियाओं पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह मिलीभगत जनता के सामने खुलकर आ जाएगी। फिलहाल जिम्मेदार अधिकारी फाइलें पलटने में व्यस्त हैं और रेत माफिया नदी को खोखला करने में।

JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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