मुंबई। Hit And Run Case: मुंबई के मरीन ड्राइव पर साल 2017 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बड़ा फैसला सामने आया है। जेब्रा क्रॉसिंग पार कर रही 17 वर्षीय छात्रा निधि जेठमलानी को तेज रफ्तार इनोवा से टक्कर मारकर ‘वेजिटेटिव स्टेट’ में पहुंचाने वाले 66 वर्षीय ड्राइवर पी. नारायणसामी को कोर्ट ने लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोषी तो माना, लेकिन उसे जेल भेजने के बजाय सिर्फ 20 हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ दिया। यह फैसला सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक बहस तेज हो गई है।
अदालत ने कहा कि आरोपी का यह पहला अपराध था, उसके खिलाफ पहले कभी ट्रैफिक नियम तोड़ने या लापरवाह ड्राइविंग का मामला दर्ज नहीं हुआ था। साथ ही वह पिछले 9 साल से मुकदमे की प्रक्रिया झेल रहा था, इसलिए नरमी बरती गई। आरोपी ने अदालत में अपनी बढ़ती उम्र और खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए राहत की मांग की थी।
यह हादसा 28 मई 2017 को मरीन प्लाजा होटल के पास हुआ था, जब निधि अपने दोस्तों के साथ केसी कॉलेज में एडमिशन के लिए जा रही थी। तभी रेलवे कमिश्नर को ले जा रही तेज रफ्तार सरकारी इनोवा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक गाड़ी की रफ्तार बेहद तेज थी और टक्कर इतनी भयानक थी कि निधि गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई। तब से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
इस मामले में इससे पहले मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने पीड़िता को करीब 70 लाख रुपये मुआवजा और भविष्य के इलाज के लिए 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने का आदेश दिया था। वहीं, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान निधि की तुलना चर्चित अरुणा शानबाग केस से करते हुए मामले को बेहद संवेदनशील बताया था और रेल मंत्रालय से 5 करोड़ रुपये के अंतिम निपटान दावे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा था।