खदानें बंद, फिर भी रेत का खेल जारी: सिहोरा में हजारों घनमीटर अवैध भंडारण, प्रशासन पर उठे सवाल
हिरन नदी का सीना छलनी कर रहे रेत माफिया, दिन-रात उत्खनन और परिवहन का आरोप
सिहोरा।
क्षेत्र में अधिकृत रेत खदानें बंद होने के बावजूद सिहोरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार जारी है। मनसकरा, पहरेवा, कुर्रो रोड, सिहोरा, खितौला सहित कई स्थानों पर हजारों घनमीटर रेत का भंडारण खुलेआम देखा जा सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब खदानें बंद हैं तो आखिर इतनी बड़ी मात्रा में रेत कहां से आ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया हाइवा, डंपर और ट्रैक्टरों के माध्यम से लगातार रेत का परिवहन कर रहे हैं। बिना रॉयल्टी और वैध अनुमति के हो रहे इस कारोबार से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।
बताया जा रहा है कि कटनी क्षेत्र की महानदी और सिहोरा अंचल की जीवनदायिनी हिरन नदी में जलस्तर कम होने के बाद कई स्थानों पर रेत आसानी से उपलब्ध हो रही है, जिसका फायदा उठाकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बारिश से पहले बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण भी किया जा रहा है।
गंभीर बात यह है कि दिन के साथ-साथ रात में भी अवैध उत्खनन और परिवहन जारी रहने के आरोप लग रहे हैं, जबकि पुलिस, प्रशासन और खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने अवैध रेत कारोबार पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।