अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को करीब एक महीना होने वाला है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देशों के बीच अच्छी बातचीत चल रही है। उन्होंने ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले 5 दिन के लिए टाल दिए हैं। हालांकि, ईरान ने बातचीत के दावों को झूठा बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 5-10 दिनों में युद्ध रुकने की संभावना बहुत कम है, लेकिन अप्रैल के अंत या जून तक हालात सुधर सकते हैं।
ट्रंप का दावा बनाम ईरान का इनकार
23 से 25 मार्च के बीच के घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान 'डील' करना चाहता है। कुछ रिपोर्ट्स में 15-पॉइंट वाले प्लान और 9 अप्रैल को पाकिस्तान में मध्यस्थता बैठक की भी चर्चा है।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय और मीडिया ने साफ कहा है कि कोई बातचीत नहीं हो रही है और ट्रंप सिर्फ ब्लफ (दिखावा) कर रहे हैं। ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर अपने मिसाइल हमले जारी रखे हैं। ईरान की शर्त है कि अमेरिका अपने सभी बेस बंद करे, सारे प्रतिबंध हटाए, मुआवजा दे और मिसाइल प्रोग्राम पर कोई रोक न लगाए।
युद्ध रुकने की कितनी है संभावना?
युद्ध के पूरी तरह रुकने के चांस को समय के हिसाब से ऐसे समझा जा सकता है:
क्या हैं अच्छे और बुरे संकेत?
अच्छी बात यह है कि ट्रंप इस युद्ध को जल्द खत्म करना चाहते हैं। अमेरिका के पास 'ऑफ-रैंप' (युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता) प्लान तैयार है। सऊदी अरब और यूएई जैसे पड़ोसी देश भी नहीं चाहते कि युद्ध और फैले।
वहीं, चिंता की बात यह है कि ईरान ज्यादा नुकसान पहुंचाकर अमेरिका को झुकाने की रणनीति पर चल रहा है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनेई ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खोलने से मना कर दिया है, जिससे दुनिया भर में तेल का संकट बढ़ रहा है। इजराइल भी अपने हमले जारी रखना चाहता है।
कैसे शुरू हुआ था युद्ध?
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' लॉन्च किया था। इसमें ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खमेनेई समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। अब तक हजारों मौतें हो चुकी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।