अनुशासन और निरंतरता से ही व्यक्ति व संगठन महान बनते हैं केशव बस्ती में आयोजित हिंदू सम्मेलन में स्वबोध और संस्कारों पर दिया गया जोर
सिहोरा
किसी भी कार्य को करने की निरंतरता और अनुशासन ही व्यक्ति और संगठन को महान बनाता है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह-कार्यवाह विवेकानंद पटेल ने बीडी हाई स्कूल, केशव बस्ती में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज स्वबोध को अपनाते हुए स्वदेशी, स्व आचरण, स्व भूषा, स्व भोजन और स्व भाषा को अपने जीवन में प्राथमिकता दे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विवेकानंद पटेल ने कहा कि जब तक हम अपने मूल संस्कारों से नहीं जुड़ेंगे, तब तक सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि आकर्षण महाराज ने बच्चों को संस्कारवान बनाने पर बल देते हुए कहा कि संस्कारित युवा ही देश के विकास में भागीदार बनकर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। विशिष्ट अतिथि मातृशक्ति साधना जैन, वरिष्ठ अधिवक्त ने परिवार की एकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को सप्ताह में कम से कम एक बार सभी सदस्यों के साथ बैठकर भोजन करना चाहिए, जिससे आपसी संवाद बढ़े और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। अंत में भारत माता की आरती और प्रसाद वितरण के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।