लखनपुर समिति में फर्जी धान पंजीयन मामला ठंडे बस्ते में, कार्रवाई से बचाया जा रहा ऑपरेटर
जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बावजूद डेढ़ माह बाद भी न निलंबन, न हटाया गया ऑपरेटर
ऑपरेटर के पति पर मिलीभगत के आरोप, वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
सिहोरा
मझोली तहसील की लखनपुर प्राथमिक साख एवं सहकारी समिति में धान पंजीयन में हुए फर्जीवाड़े का मामला उजागर होने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के चलते जांच और कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। जांच में फर्जी पंजीयन की पुष्टि होने के बावजूद दोषियों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लखनपुर प्राथमिक शेख एवं सहकारी समिति में वर्ष 2025-26 के दौरान धान पंजीयन कार्य में तैनात ऑपरेटर द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी पंजीयन किए जाने का मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ऑपरेटर ने स्वयं के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर पंजीयन कराया। इसके बाद भी करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद न तो जांच को आगे बढ़ाया गया और न ही कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई।
फूड कंट्रोलर को इस संबंध में लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से ऑपरेटर आज भी समर्थन मूल्य पर हो रही सरकारी धान खरीदी में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। सूत्रों के अनुसार फर्जी पंजीयन मामले में ऑपरेटर के पति की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है और उस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप हैं।
नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में संबंधित ऑपरेटर को तत्काल निलंबित कर समिति से हटाया जाना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं। इससे न सिर्फ शासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि किसानों में भी रोष व्याप्त है।