गरियाबंद- छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति “ के प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप, गरियाबंद जिले में सक्रिय रहे 09 पूर्व नक्सलियों को आज जिला कलेक्टर बी.एस.उइके एवं पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर द्वारा विधिवत 04 लाख 50 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह कदम नक्सलियों के समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के निर्णय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सभी 09 नक्सलियों (जिनमें 06 महिलाएं और 03 पुरुष शामिल हैं) ने 19 जनवरी 2026 में रायपुर रेंज के आईजी और गरियाबंद एसपी के समक्ष हथियार डाले थे।
प्रोत्साहन राशि नीति के अनुसार, प्रत्येक आत्मसमर्पण सदस्य को सहायता के रूप में 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, उनके द्वारा सौंपे गए हथियारों के लिए भी पृथक से मुआवजा राशि का प्रावधान किया गया है।
इस के पूर्व में 20 नक्सलियों के द्वारा शासन के आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके है। जिन्हे जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा प्रोत्साहन दिये जा चुके ह
प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ, इन पूर्व नक्सलियों को निम्नलिखित लाभ भी दिए जा रहे हैं –
आवास सहायत – प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की स्वीकृति।
मासिक स्टायपेंड राशि – आगामी 03 वर्षों तक 10,000 प्रति माह का स्टायपेंड राशि ।
शिक्षा एवं कौशल विकास – बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा और स्वयं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण।
रोजगार – पात्रता अनुसार सरकारी या निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर।