धान स्लॉट बुकिंग में फंसे किसान, रात-रात भर जागने के बाद भी नहीं हो रहा रजिस्ट्रेशन
सिहोरा
सरकार द्वारा धान खरीदी को किसानों के लिए सरल और सुविधाजनक बताने के तमाम दावों के बावजूद सिहोरा क्षेत्र के किसान गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। धान उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। स्थिति यह है कि किसान मोबाइल पर स्लॉट बुक करने के लिए रात 12 बजे तक जागते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है।
किसानों नीरज शुक्ला, श्याम यादव, नरेन्द्र त्रिपाठी और अशोक पटेल ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से धान की स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिस्टम यह संदेश दिखा देता है कि “आपकी धान की मात्रा 100 क्विंटल से अधिक है।” किसानों का कहना है कि जब वे 99 क्विंटल मात्रा दर्ज करते हैं, तब भी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
किसानों ने बताया कि एक एकड़ भूमि में औसतन 25 से 30 क्विंटल तक धान की पैदावार होती है। ऐसे में अधिकांश किसानों के पास 100 क्विंटल से अधिक धान होना स्वाभाविक है। किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सरकार 100 क्विंटल से अधिक धान वाले किसानों का अनाज खरीदना नहीं चाहती, तो इसे स्पष्ट रूप से घोषित किया जाना चाहिए। इस तरह भ्रम की स्थिति बनाकर किसानों को परेशान करना उचित नहीं है।
किसानों ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार सभी किसानों का धान खरीदने का दावा कर रही है, तो फिर स्लॉट बुकिंग में 100 क्विंटल की बाध्यता क्यों रखी गई है। किसानों की मांग है कि स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को वेयरहाउस की वास्तविक क्षमता के अनुसार तय किया जाए, न कि 100 क्विंटल की सीमा लगाकर किसानों को परेशानी में डाला जाए।