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VIRAL NEWS: शादी में 71 लाख कैश और 21 तोला सोना ‘दान’ बताने पर यूट्यूबर अरुण पंवार ट्रोल, दहेज को लेकर छिड़ी बहस

04 Feb 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 16 views
VIRAL NEWS: शादी में 71 लाख कैश और 21 तोला सोना ‘दान’ बताने पर यूट्यूबर अरुण पंवार ट्रोल, दहेज को लेकर छिड़ी बहस

VIRAL NEWS | GURUGRAM: मशहूर ऑटोमोबाइल यूट्यूबर अरुण पंवार की शादी इन दिनों खुशियों से ज़्यादा विवादों और ट्रोलिंग की वजह से सुर्खियों में है, जहां शादी के एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर दान बनाम दहेज की बहस को फिर से भड़का दिया है।

इंस्टाग्राम पर सामने आए वीडियो में लग्न समारोह के दौरान मंच से यह घोषणा की जाती सुनाई देती है कि दहेज नहीं बल्कि ‘दान’ के रूप में दूल्हे को 71 लाख रुपये नकद और 21 तोला सोना दिया गया है, जिसके बाद यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और यूजर्स भड़क उठे।

वीडियो में एक शख्स माइक्रोफोन पर पूरे आत्मविश्वास के साथ यह गिनाता नजर आता है कि लड़के की सोने की चेन साढ़े पांच तोले की है, ब्रेसलेट चार तोले का है, दो अंगूठियां हैं, पिता, ताऊ, भाइयों, मां, बहन-भाभी के लिए अलग-अलग सोने की वस्तुएं दी गई हैं और कुल मिलाकर 21 तोला सोना और 71 लाख रुपये कैश दिए गए हैं, साथ ही बार-बार यह दोहराया जाता है कि यह दहेज नहीं बल्कि दान है।

यहीं से विवाद ने जोर पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या नाम बदल देने से दहेज, दान बन जाता है। कई लोगों ने इसे सीधे तौर पर दहेज निषेध अधिनियम 1961 का उल्लंघन बताया और लिखा कि शादी में लिया गया पैसा या सोना, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, दहेज ही होता है।

कुछ यूजर्स ने तीखे शब्दों में कहा कि एक प्रभावशाली यूट्यूबर होने के बावजूद अरुण पंवार ने गलत संदेश दिया है, जिसे लाखों लोग फॉलो करते हैं। वहीं कुछ ने मजाकिया अंदाज में तंज कसते हुए लिखा कि दूल्हा तो ‘बिक गया’, तो किसी ने कहा ‘बिकने के लिए बधाई’। विवाद यहीं नहीं रुका, बल्कि अरुण पंवार की पत्नी डॉक्टर तिथि को लेकर भी सवाल उठने लगे।

यूजर्स का कहना है कि एमबीबीएस जैसी पढ़ाई करने के बाद भी अगर कोई दहेज जैसी प्रथा को स्वीकार करता है या उसका सार्वजनिक रूप से समर्थन करता है, तो यह समाज के लिए गलत उदाहरण है। दूसरी ओर, कुछ लोग अरुण पंवार के समर्थन में भी सामने आए और कहा कि यह दान परिवार की इच्छा से दिया गया है, इसमें किसी तरह का दबाव नहीं था और हर परंपरा को दहेज से जोड़ना गलत है।

समर्थकों का तर्क है कि समाज में कई जगह विवाह के अवसर पर उपहार या दान देने की परंपरा है, जिसे अपराध कहना ठीक नहीं। लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि जब मंच से रकम और सोने की पूरी सूची सार्वजनिक रूप से गिनाई जाती है, तो वह दान नहीं बल्कि सामाजिक दबाव और दहेज का ही रूप होता है।

इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया है, जहां एक तरफ कानून, नैतिकता और सामाजिक सुधार की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ परंपरा और निजी पसंद का तर्क दिया जा रहा है। गौरतलब है कि अरुण पंवार ने 2019 में अपना यूट्यूब करियर शुरू किया था और कार रिव्यू के जरिए तेजी से लोकप्रिय हुए, आज उनके यूट्यूब चैनल पर करीब 2.41 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर 9.71 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, ऐसे में उनके हर कदम पर लोगों की नजर रहती है।


JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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