शहर के बीच कबाड़ का जाल: हादसे को खुला न्योता घनी आबादी में प्लास्टिक की रखी बोरियां, प्रशासन बेखबर
सिहोरा
शहर के घनी बसाहट वाले इलाकों में अवैध रूप से कबाड़ का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे कभी भी बड़ा अग्निकांड हो सकता है। आजाद चौक, नारायण टॉकीज, गौरी तिराहा, खितौला बाजार और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खुलेआम कबाड़ जमा कर व्यापार किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में प्लास्टिक, पॉलिथीन और ज्वलनशील सामग्री से भरे कबाड़ के ढेर किसी भी समय आग पकड़ सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर है कि संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच पाएगी, जिससे जान-माल का भारी नुकसान तय है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक अमला इन खतरों से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। सवाल उठ रहा है कि क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेंगे? नागरिकों ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए इन कबाड़ ठिकानों को हटाने की अपील की है।
इनका कहना
शहर की घनी आबादी के बीच कबाड़ का काम करना पूरी तरह प्रतिबंधित आपके द्वारा मेरे संज्ञान में यह मामला लाया गया है अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ इसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
जय श्री चौहान, प्रभारी नगर पालिका अधिकारी सिहोरा