रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने नवा रायपुर में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'नरसी मोंजी' (SVKM) को यूनिवर्सिटी खोलने के लिए 40 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रदेश में नई आबकारी नीति और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को लेकर भी मंजूरी दी गई है। बैठक में यह तय हुआ कि अब जिला अस्पतालों और छोटे स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि आम जनता को भटकना न पड़े।
शिक्षा और रोजगार पर जोर: नरसी मोंजी के लिए 40 एकड़ जमीन
राज्य सरकार ने नवा रायपुर के सेक्टर-18 में नामी गिरामी संस्था श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को जमीन देने का फैसला किया है। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन संस्थान (NMIMS) की स्थापना होगी।
सरकार यह 40 एकड़ जमीन 90 साल की लीज पर एकमुश्त देगी।
नरसी मोंजी देश के टॉप संस्थानों में शामिल है। इसके आने से छत्तीसगढ़ के बच्चों को मैनेजमेंट और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
IT सेक्टर में खुलेंगे राह: 4 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
आईटी और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ मिलकर काम करेगी।
नया एमओयू: नवा रायपुर में 4 नए उद्यमिता केंद्र (Entrepreneurship Centers) खोले जाएंगे।
ये केंद्र मुख्य रूप से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), मेडिकल टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट खेती पर फोकस करेंगे।
अगले 3 से 5 सालों में 130 से ज्यादा नए स्टार्टअप्स को तैयार करने का लक्ष्य है।
अब गांवों तक मिलेगी बेहतर जांच सुविधा
कैबिनेट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लैब की व्यवस्था सुधारने का बड़ा निर्णय लिया है।
क्या बदलेगा: जिला अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में लैब के संचालन को और मजबूत किया जाएगा।
मरीजों को लाभ: अब मरीजों को खून और अन्य जरूरी जांचों के लिए बड़े शहरों या प्राइवेट लैब के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार जांचों की संख्या और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने पर काम करेगी।
नई शराब नीति को हरी झंडी
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'छत्तीसगढ़ आबकारी नीति' के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। विभाग को इससे जुड़े आगे के काम और नियमों को तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि इन फैसलों से न केवल प्रदेश में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में भी छत्ती
सगढ़ एक नए मुकाम पर पहुंचेगा।