Raipur.�रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज एक दुखद अवसर पर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नगर निगम रायपुर के पूर्व सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा के निवास पर पहुंचकर उनकी धर्मपत्नी मंजू विश्वकर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मंजू विश्वकर्मा के आकस्मिक स्वर्गवास की सूचना के बाद शहर के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। वे अपने सहज, सौम्य और सेवा भाव से समाज में सम्मानित स्थान रखती थीं। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
छत्तीसगढ़ शासन के लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नगर निगम रायपुर के पूर्व सभापति श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी की धर्मपत्नी श्रीमती मंजू विश्वकर्मा जी के स्वर्गवास के उपरांत आज उनके निवास पहुँचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर दुःख की… pic.twitter.com/ywobtQxMxR
— Brijmohan Agrawal (@brijmohan_ag) August 10, 2025
बृजमोहन अग्रवाल ने दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मंजू विश्वकर्मा का जाना, एक ऐसे परिवार के लिए गहरी क्षति है जिसने हमेशा समाज के लिए योगदान दिया है। उनके सेवा भाव और सादगी को हमेशा याद रखा जाएगा। सांसद अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवारजनों को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे और पूरा भाजपा परिवार, प्रफुल्ल विश्वकर्मा और उनके परिजनों के साथ खड़ा है। श्रद्धांजलि देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्य और मोहल्लेवासी भी बड़ी संख्या में पहुंचे।
सभी ने मंजू विश्वकर्मा के व्यक्तित्व और उनके समाजसेवी योगदान को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं और उनके मधुर व्यवहार ने उन्हें सबका प्रिय बना दिया था। गौरतलब है कि प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने नगर निगम रायपुर के सभापति रहते हुए शहर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्तमान में लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के जरिए समाज को सशक्त करने का कार्य कर रहे हैं। उनकी धर्मपत्नी मंजू विश्वकर्मा हमेशा उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सामाजिक कार्यों में सहयोग करती थीं। मृत्यु की इस खबर से रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने अपनी श्रद्धांजलि संदेश जारी कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। अंत में, बृजमोहन अग्रवाल ने भावुक होकर कहा - "यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। हम सभी को उनके आदर्शों और सेवा भाव से प्रेरणा लेनी चाहिए।"