नई दिल्ली। Petrol diesel price : पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है। अगर यह संघर्ष जारी रहा तो आने वाले समय में भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। अमेरिका समेत कई बड़े देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल चुका है। लेकिन अभी तक भारत में कीमतें (Petrol Diesel Price) नहीं बढ़ी हैं। लेकिन अब तो RBI गवर्नर ने कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना जता दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि अगर मध्य पूर्व का तनाव लंबे समय तक चलता रहा तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है।
बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत
स्विस नेशनल बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के एक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा- “अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह बस कुछ ही समय की बात है जब सरकार कीमतों में हुई कुछ बढ़ोतरी का बोझ आम लोगों पर डाल सकती है।”
स्विट्जरलैंड में स्विस नेशनल बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा आयोजित सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट और ज्यादा बिगड़ता है, तो सरकार शायद खुदरा ईंधन की कीमतें अनिश्चित काल तक अपरिवर्तित न रख पाए।
उन्होंने कहा, “हमारे पास लचीले इन्फ्लेशन टारगेटिंग का एक ढांचा तो है, लेकिन ऐसे समय में यह काफी नहीं है। अगर सप्लाई में रुकावट इतनी बड़ी हो, जितनी कि अभी है, तो राजकोषीय तालमेल बेहद जरूरी हो जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष जारी है, एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई है, जबकि सरकारी ईंधन विक्रेता कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को खुद ही वहन कर रहे हैं।
भारत है दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता
भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। दुनिया के बड़े देशों की तरह भारत भी इस समय एनर्जी संकट का सामना कर रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव के चलते कच्चे तेल और एनर्जी की सप्लाई बाधित हुई है। पूरी की पूरी सप्लाई चेन बाधित हुई है। डिमांड पूरी न होने के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।