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कोयला वाशरी के खिलाफ एकजुट हुए सरपंच, ग्रामीण और व्यापारी, बोले- 'हमारी जिंदगी, फसल और गांव को बर्बाद मत करो'

25 Aug 2025 | JAY SHANKAR PANDEY | 199 views
कोयला वाशरी के खिलाफ एकजुट हुए सरपंच, ग्रामीण और व्यापारी, बोले- 'हमारी जिंदगी, फसल और गांव को बर्बाद मत करो'


बिलासपुर, मस्तूरी-जयरामनगर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी-जयरामनगर क्षेत्र में प्रस्तावित अरपा कोल वाशरी परियोजना को लेकर सोमवार को आयोजित जनसुनवाई का कड़ा विरोध हुआ। खैरा स्टेडियम में आयोजित इस जनसुनवाई में आसपास के ग्रामीणों, सरपंचों और व्यापारियों ने जोरदार हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के लिए कलेक्टर को पहले ही आवेदन दिया जा चुका था, जिसमें इसे रोकने की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने यह जनसुनवाई आयोजित की।


ग्रामीणों का कहना है कि कोल वाशरी से न सिर्फ प्रदूषण फैलेगा, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान होगा। इससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी और लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ जाएगी। उनका आरोप है कि अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से यह जनसुनवाई सिर्फ एक औपचारिकता है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं और कोल वाशरी खोलने का प्रयास किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

कोल वाशरी से जीवन, फसल और घर सब बर्बाद होगा

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोल वाशरी खुलने से उनकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। साथ ही, बच्चों के स्कूल और उनके घर भी प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि इस परियोजना से उनका पूरा गांव और जनजीवन खत्म हो जाएगा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोल वाशरी के लिए जमीन धोखे से खरीदी गई है।


विरोध की आवाज दबाने का आरोप

सूत्रों के मुताबिक, जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। आरोप है कि पूरी सेटिंग के साथ विरोध करने वालों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। भीड़ में हंगामा कर रहे लोगों की वजह से विरोध करने वालों की आवाज अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी।

पैसा देकर समर्थन खरीदने की कोशिश का आरोप

ग्रामीणों ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परियोजना के पक्ष में बोलने और विरोध न करने के लिए प्रबंधन ने कुछ ग्रामीणों को नकद पैसे दिए हैं। इसके चलते कुछ लोग पैसे लेकर प्रबंधन के पक्ष में बोलते नजर आए, जिससे भीड़ में और भी गहमागहमी बढ़ गई।

ग्रामीणों ने चेताया है कि वे किसी भी कीमत पर कोल वाशरी को नहीं खुलने देंगे और इसके लिए हर संभव आंदोलन करेंगे। इस पूरी घटना से गांव वालों में भारी नाराजगी देखी जा

रही है।

JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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