कोटा। कोटा स्थित श्री शनिदेव मंदिर के पुजारी विकास शर्मा ने बताया कि 16 मई २०२6 को शनि ज्येष्ठ अमावस्या पर शनिवार के होने से जन्मोत्सव का दुर्लभ संयोग, व ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जन्मोत्सव होने पर शनि देव जन्मोत्सव का दिन शनिवार को होने से प्रभु के दर्शन करना तेल अर्पित करने के लिए सर्वोत्तम है।
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन जब अमावस्या शनिवार को पड़ती है तो उसे शनिश्चरी अमावस्या या शनि अमावस्या कहते इस बार शनिदेव जी का जन्मोत्सव शनिश्चवरी अमावस्या पर ही पड़़ रहा। इस वर्ष शनिवार के दिन शनि अमावस्या ( जन्मोत्सव) का संयोग अपने आप में बड़ा मुहूर्त है इस दिन जन्मोत्सव होने से इस पर्व का महत्त्व बढ़ गया है इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व है।
मंदिर में दर्शन करने व साज सज्जा सुन्दरता देखने दूर दराज से भक्त पहुंच रहे हैं मंदिर में सुबह से ही विशेष आयोजन शुरू हो जाएंगे फूलों की सजावट हवन भंडारा भजन संध्या व महाआरती की जायेंगी।