गरियाबंद, 20 फरवरी 2026।
गरियाबंद में मनरेगा के मुद्दे को लेकर जिला एवं शहर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे, वहीं एहतियातन कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे, जिससे परिसर में काफी देर तक राजनीतिक हलचल बनी रही।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसने ग्रामीण भारत में रोजगार सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय को मजबूती दी है।
कांग्रेस ने आशंका जताई कि प्रस्तावित संशोधन और वित्तीय हिस्सेदारी में बदलाव से योजना की मूल भावना और प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अब तक मनरेगा में केंद्र सरकार की 90 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी रही है, जिसे बदलकर 60:40 या अन्य अनुपात में करने का प्रयास राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। पार्टी ने मांग की कि कानून को यथावत रखा जाए और समयबद्ध मजदूरी भुगतान व पारदर्शिता जैसी व्यवस्थाएं पूर्ववत लागू रहें।
क्षेत्रीय विधायक जनक धुर्व ने कहा कि मनरेगा गरीबों के जीवनयापन का आधार है। उन्होंने चिंता जताई कि सरकार की नीतियों के कारण मजदूर वर्ग का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि योजना में जनविरोधी बदलाव किए गए तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि राष्ट्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार के संशोधन पर पुनर्विचार किया जाए।
कार्यक्रम में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी महिला कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक राजनीतिक माहौल गर्माया रहा।