Bilaspur.�बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में 11 अगस्त को एक अहम अवसर आने वाला है, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल नए न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे उच्च न्यायालय परिसर स्थित मुख्य न्यायाधीश के न्यायालय कक्ष में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में न्यायपालिका, बार एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर ने बताया कि इस अवसर पर बार काउंसिल, अधिवक्ता संघ और न्यायिक अधिकारियों सहित तमाम सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल न्यायपालिका के लिए बल्कि विधि जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए एक विशेष क्षण होगा, क्योंकि नए न्यायाधीश के जुड़ने से न्यायालय की कार्यक्षमता और भी मजबूत होगी।
सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल का विधिक अनुभव और उनकी ईमानदार छवि न्यायपालिका में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को लेकर आएगी। वे अब तक कई महत्वपूर्ण मामलों में अपने सटीक निर्णयों और गहन कानूनी समझ के लिए जाने जाते हैं। उनका न्यायिक करियर विभिन्न अदालतों में सेवा देते हुए उत्कृष्ट उपलब्धियों से भरा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशगण भी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान विधि पेशे से जुड़े वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं को न्यायमूर्ति अग्रवाल से औपचारिक मुलाकात का अवसर मिलेगा। न्यायमूर्ति के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विधि जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में फिलहाल लंबित मामलों की संख्या अधिक है, और ऐसे में नए न्यायाधीश के शामिल होने से न केवल मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी बल्कि न्याय वितरण की प्रक्रिया भी और सुचारु होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायमूर्ति अग्रवाल की नियुक्ति न्यायपालिका की मजबूती और पारदर्शिता को और बढ़ावा देगी। शपथ ग्रहण से पहले न्यायालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिकताओं को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके। इस अवसर पर विधि समुदाय के साथ-साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता है, क्योंकि न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को न्यायिक सुधारों की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण से उम्मीद है कि न्यायालय में पारदर्शी और त्वरित न्याय की परंपरा और सशक्त होगी। कुल मिलाकर, 11 अगस्त का दिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल अपने पद की शपथ लेकर न्यायिक यात्रा का नया अध्याय शुरू करेंगे।