
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों सहित अन्य स्थानीय समस्याओं का समाधान तहसील और जनपद स्तर पर ही किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला कार्यालय तक आने की आवश्यकता न पड़े। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने यह निर्देश मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए दिए।
बैठक में उन्होंने देखा कि कई ऐसे आवेदन जिला कार्यालय तक पहुंच रहे हैं, जिनका निराकरण स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए और अनावश्यक रूप से लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक के दौरान कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (CMGSY) के अंतर्गत सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में जिन सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब है, उनका तुरंत चिन्हांकन किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। साथ ही सभी मरम्मत कार्यों को बारिश के मौसम से पहले, यानी 15 जून तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपाय करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टी पेंट की जाए, ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों के पास स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं और सड़कों के किनारों यानी शोल्डर को भी ठीक किया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एप्रोच रोड को मुख्य मार्ग से सीधे नहीं जोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उसे दाएं या बाएं ओर से घुमावदार तरीके से जोड़ा जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही किए जाएं और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर घर तक नल से जल पहुंचाने के कार्य को गंभीरता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जहां भी सड़क खोदी गई है, उसे दोबारा ठीक से भरकर सड़क को पूर्व स्थिति में लाया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गांव के अंतिम घर तक भी नल के माध्यम से पानी की आपूर्ति हो। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने हैंडपंप के पास सोखता गड्ढों का निर्माण करने के निर्देश भी दिए, ताकि पानी का बेहतर उपयोग हो सके और भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सके।
इसके अलावा कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित संकेतकों के अनुसार लक्ष्य पूरा करने और जिले को ‘चैम्पियन जिला’ बनाने के लिए भी अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीपीग्राम्स, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन और राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ गणवीर धम्मशील, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या गौतम, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते, अभिषेक गुप्ता, अवध राम टंडन, निशा नेताम मड़ावी सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।