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धान नहीं बिकने और मुआवजा नहीं मिलने से टूटा किसान, जहर पीकर की आत्महत्या की कोशिश, वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

29 Jan 2026 | WEENEWS DESK | 96 views
 धान नहीं बिकने और मुआवजा नहीं मिलने से टूटा किसान, जहर पीकर की आत्महत्या की कोशिश, वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

जांजगीर चांपा। : जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सांकर में एक किसान द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। किसान ने धान नहीं बिकने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से आहत होकर कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान ने करीब चार मिनट का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जो अब वायरल हो रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने रात में ही किसान को बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। किसान की हालत पर डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

एक महीने से धान

बेचने के लिए लगा रहा था चक्कर

जानकारी के अनुसार, ग्राम सांकर निवासी किसान अनुराग सिंह चंदेल पिछले एक माह से धान बेचने के लिए लगातार समिति और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसका टोकन नहीं कट पाया था। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

वीडियो में किसान ने कहा है कि धान नहीं बिकने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पिछले चार वर्षों से नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उसने बढ़ते कर्ज और परिवार की जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया।

कर्ज में डूबा था किसान

बताया जा रहा है कि किसान पर भारी कर्ज था। पूर्व में भी उसका धान नहीं बिक पाया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी जमीन भी बेची, इसके बावजूद वह आर्थिक तंगी से बाहर नहीं निकल सका। इन्हीं परिस्थितियों से टूटकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया।

मामले पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसान द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम का कारण धान का टोकन नहीं कटना नहीं, बल्कि भारतमाला परियोजना का मुआवजा नहीं मिलना बताया गया है। कलेक्टर ने दावा किया कि किसान का धान बिक्री का टोकन कट चुका है। पुलिस द्वारा किसान का बयान लिया गया है, जिसमें उसने मुआवजा नहीं मिलने को प्रमुख कारण बताया है। प्रशासन का कहना है कि किसान के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बता दें कि इससे पहले महासमुंद में टोकन नहीं मिलने पर एक किसान ने ब्लेड से खुद को काट लिया था। जबकि कोरबा में भी टोकन नहीं मिलने से परेशान किसान ने कीटनाशक सेवन कर लिया था।


WEENEWS DESK
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