महासमुंद / CG NEWS: महासमुंद जिले के बीरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। सबसे ताज़ा मामला फ्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का है, जहाँ सैकड़ों कर्मचारी 12-12 घंटे काम करने को मजबूर हैं। लेकिन इन्हे ओवरटाइम का एक पैसा नहीं मिल रहा है। इनका पीएफ कट रहा है, लेकिन जमा कहाँ हो रहा है, किसी को जानकारी नहीं है। आक्रोशित कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई है।
350 से 400 श्रमिकों का शोषण
महासमुंद जिले का बीरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों फैक्टरियाँ हैं, लेकिन श्रमिकों के लिए यह क्षेत्र अब यातना शिविर बन चुका है। सबसे गंभीर आरोप फ्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर लगे हैं। यहाँ करीब 350 से 400 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।
आखिर कब मिलेगा न्याय?
रोज़ 12-12 घंटे ड्यूटी कराते हैं। लेकिन 8 घंटे का ही वेतन देते हैं, ओवरटाइम का एक रुपया नहीं मिलता हैं। इनका पीएफ काटते हैं, लेकिन पासबुक तक दिखाते नहीं हैं। सेफ्टी नाम की कोई चीज़ नहीं हैं।
क्या ओवरटाइम का मिलेगा दोगुना पैसा?
श्रम कानून कहता हैं कि फैक्ट्री में अधिकतम 9 घंटे काम (ओवरटाइम सहित 12 घंटे से ज्यादा नहीं) हो सकता है और ओवरटाइम का दोगुना भुगतान अनिवार्य है।लेकिन यहाँ नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है की पीएफ कटौती तो हो रही है, लेकिन कर्मचारियों को न रसीद मिलती है, न ही ये पता चलता है, कि पैसा जमा हो भी रहा है या नहीं।
मामले को लेकर सैकड़ों कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुँचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि बीरकोनी की ज्यादातर फैक्टरियों में यही हाल है। श्रम विभाग और इंडस्ट्रियल विभाग के अधिकारी सालों से यहाँ निरीक्षण करने कब आते हैं पता ही नहीं चलता है। जिससे कंपनी मालिकों के हौसले बुलंद हैं।