बेमेतरा / थानखम्हरिया। CG NEWS : थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरगा में रविवार की रात एक सुनियोजित और सनसनीखेज जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। ग्राम के पूर्व सरपंच, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंडल महामंत्री नोहर बल्लू पाल पर जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से गले पर हमला किया गया। हमले में उनकी श्वासनली तक गहरी चोट आई है, जिस पर 12 से 14 टांके लगाए गए हैं। उनकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।
राजनीतिक व सामाजिक कद पर हमला
उल्लेखनीय है कि बल्लू पाल भाजपा संगठन में थानखम्हरिया मंडल महामंत्री रह चुके हैं तथा वे तीन-चार बार ग्राम सरपंच जैसे महत्वपूर्ण पद पर निर्वाचित होकर क्षेत्र की सेवा कर चुके हैं। उनकी सक्रिय सामाजिक-राजनीतिक भूमिका को देखते हुए इस हमले ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
चुलमाटी कार्यक्रम से लौटते समय घात लगाकर वार
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री पाल वर्मा परिवार के यहां आयोजित चुलमाटी कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। गांव के संतोषी मंदिर के पहले अंधेरे स्थान पर आरोपी ने मौका पाकर अचानक हमला कर दिया और फरार हो गया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्राथमिक उपचार के बाद एम्स रायपुर रेफर
गंभीर रूप से घायल श्री पाल को तत्काल शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, थानखम्हरिया लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए एम्स रायपुर रेफर किया गया। वर्तमान में उनका इलाज वहीं जारी है।
विधायक व जनपद अध्यक्ष ने लिया हालचाल
इलाज के दौरान देर रात साजा विधायक ईश्वर साहू एवं जनपद अध्यक्ष जितेन्द्र साहू एम्स रायपुर पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सरपंच पुत्र आरोपी, अब तक गिरफ्त से बाहर
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चंद्रदेव वर्मा अस्पताल पहुंचे और पीड़ित व परिजनों का बयान दर्ज किया। बताया जा रहा है कि आरोपी वर्तमान सरपंच का पुत्र जलेश ठाकुर है। ग्रामीणों के अनुसार बल्लू पाल और आरोपी के बीच कोई बड़ा पूर्व विवाद नहीं था, इसके बावजूद इस तरह का जानलेवा हमला गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में यह पहली घटना है, जहां गले पर इस तरह का हमला किया गया हो।
सरपंच पद पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सरपंच पद पर बने रहने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी की मां सरपंच नंदकुमारी ठाकुर को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। यदि इस्तीफा नहीं दिया गया तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
नशाखोरी बनी बड़ी वजह!
ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ती नशाखोरी को भी ऐसी घटनाओं का प्रमुख कारण बताया है। हाल ही में थाना क्षेत्र के तोरन, हांटरांका, सोनचिरैया सहित कई गांवों में नशे के चलते झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
घटना के बाद से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है, थानखम्हरिया स्टाफ जब आरोपी के घर पहुंचे तो आरोपी फरार मिले जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।