बालोद। CG News : जिले के गुण्डरदेही ब्लॉक के कुथरेल पंचायत के आश्रित गांव माशूल के ग्रामीण और स्कूली बच्चे आज बालोद कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है और जो शिक्षिका पदस्थ हैं, वे अक्सर छुट्टी पर रहती हैं। बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
पिछले एक साल से शिक्षक बढ़ाने की मांग
गांव माशूल के प्राथमिक स्कूल में पाँच कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन यहाँ सिर्फ दो शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें से एक शिक्षिका आए दिन अवकाश पर रहती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल से वे शिक्षक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूर होकर ग्रामीण आज अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने दी ये चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही शिक्षक नियुक्त नहीं किया, तो वे बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार “सबको शिक्षा” की बात करती है, तो क्या गांव माशूल जैसे क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई यूँ ही अधूरी रह जाएगी?