बिलासपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बिलासपुर में हुई बैठक ने 50 साल पुराना इतिहास बदल दिया है। व्यापारियों की इस महाबैठक में बिलासपुर संभाग के लिए अलग कार्यालय बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है जिसके लिए जमीन भी दान में मिल गई है। संगठन को और मजबूत बनाने के लिए संविधान में संशोधन का प्रस्ताव भी लाया गया है जिससे अब रायपुर के बाहर के सदस्य भी चुनाव लड़ सकेंगे। बैठक में व्यापारियों की एकता और महिला उद्यमियों को आगे लाने के लिए अलग विंग बनाने पर भी सहमति बनी। इस आयोजन को प्रदेश के व्यापारिक इतिहास में एक बड़ी एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है।
संविधान में बदलाव: सबको मिलेगा चुनाव लड़ने का मौका
बैठक में सबसे बड़ा फैसला संगठन के नियमों में बदलाव को लेकर हुआ। अब तक माना जाता था कि चैंबर के मुख्य पदों पर चुनाव लड़ने का अधिकार ज्यादातर रायपुर के सदस्यों तक सीमित था। लेकिन अब संविधान संशोधन के बाद पूरे छत्तीसगढ़ का कोई भी सदस्य चुनाव लड़ने का हकदार होगा। इस प्रस्ताव को सभी व्यापारियों ने एक सुर में समर्थन दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि इससे संगठन में लोकतंत्र मजबूत होगा और छोटे शहरों के व्यापारियों को भी प्रदेश स्तर पर नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।
महिलाओं के लिए अलग विंग और संभाग का विस्तार
महिला उद्यमियों को व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डॉ. इला गुप्ता ने बिलासपुर संभाग में जल्द ही महिला विंग बनाने की घोषणा की है। इससे महिला व्यापारियों और शिक्षा जगत से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। वहीं संगठन के विस्तार के लिए कमल सोनी और अमर सुल्तानिया को जिम्मेदारी दी गई है। बिलासपुर संभाग में अभी सिर्फ 19 इकाइयां सक्रिय हैं जिसे बढ़ाने के लिए पूरे संभाग में दौरा किया जाएगा और नई टीमें गठित की जाएंगी।
जीएसटी और व्यापारिक दिक्कतों पर चर्चा
बैठक के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी की जटिलताओं और तकनीकी दिक्कतों को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया। चैंबर के नेताओं ने भरोसा दिलाया कि इन व्यावहारिक समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले बीएनआई मेले में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का भव्य सम्मान किया जाएगा। बैठक के अंत में सभी व्यापारियों ने एक स्वर में व्यापारिक हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया।
कमल सोनी और नवदीप सिंह ने बताया कि यह बैठक केवल एक चर्चा नहीं बल्कि व्यापारियों के सुनहरे भविष्य की नींव है। डॉ. इला गुप्ता ने बताया कि महिला विंग के आने से बिजनेस क्षेत्र में आधी आबादी की
ताकत बढ़ेगी।