रायपुर। Guru Nanak Jayanti 2025: आज 5 नवंबर 2025 को पूरे देश में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ गुरु नानक जयंती (गुरुपर्व/प्रकाश पर्व) मनाया जा रहा है। यह दिन सिख धर्म के प्रथम गुरु और धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती के तौर पर पूरा देश भक्ति और सेवा की भावना में डूबा हुआ है।
पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर रात 10:37 बजे से शुरू होकर 5 नवंबर शाम 6:49 बजे तक रही, जिसके कारण गुरु नानक जयंती 5 नवंबर को ही मनाई जा रही है। सभी गुरुद्वारों में सुबह से ही अखंड पाठ, कीर्तन, लंगर सेवा और प्रभात फेरियों का आयोजन जारी है।
गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिक ज्योति
गुरु नानक देव जी का झुकाव बचपन से ही ईश्वर भक्ति और मानवता की सेवा की ओर था। वे सत्य, समानता, करुणा और ईमानदारी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनका संदेश “एक ओंकार सतनाम” आज भी विश्वभर में मानवता की एकता और शांति का प्रतीक माना जाता है।
गुरु नानक देव जी की मुख्य शिक्षाएं
गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में प्रमुख रूप से इन सिद्धांतों का संदेश दिया—
नाम जपो: प्रभु के नाम का स्मरण और ध्यान।
किरत करो: ईमानदारी से आजीविका कमाओ।
वंड छको: अपनी कमाई में से दूसरों के साथ बाँटो।
समानता और भाईचारा: सभी मनुष्यों को एक समान समझो, जाति–धर्म–भेद से ऊपर उठकर सेवा करो।
देशभर के गुरुद्वारों में आज हजारों श्रद्धालु गुरु नानक देव जी के उपदेशों को स्मरण कर मानवता और भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहे हैं।