Gariaband News : गरियाबंद, 16 नवंबर 2025। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारियों को मजबूत करते हुए जिला कार्यालय सभाकक्ष में समिति प्रबंधकों और डाटा ऑपरेटरों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। कलेक्टर भगवान सिंह उइके के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में धान खरीदी को लेकर सख्त दिशा-निर्देश, प्रक्रियाएं और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी शासन की शीर्ष प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या अनियमितता को शून्य सहनशीलता की नीति के साथ लिया जाएगा। राज्य शासन ने धान खरीदी को अत्यावश्यक सेवा अधिनियम (ESMA) के अंतर्गत शामिल किया है, इसलिए खरीदी केंद्रों में तैनात किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति पर सीधे एफआईआर की कार्रवाई होगी।
प्रतिदिन टोकन—21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रशिक्षण में बताया गया कि—
•किसानों से धान खरीदी प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से सुनिश्चित की जाए।
•टोकन ‘तुहर हाथ’ ऐप से सुबह 8–9 बजे और
•समिति में 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक काटे जाएंगे।
•किसानों को धान बेचने के बाद शेष रकबा समर्पण के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित रहे।
धान आवक, नमी परीक्षण और बोरों की स्टेकिंग पर कलेक्टर के सख्त निर्देश
कलेक्टर उइके ने धान खरीदी केंद्रों में विस्तृत प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य बताया—
•धान आवक से पहले नमी का टोकन अनिवार्य।
•फड़ में धान तभी लाया जाए, जब नमी परीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण पूरा हो जाए।
•शाम 5 बजे के बाद किसी भी स्थिति में खरीदी नहीं।
•रिजेक्टेड और अधिक नमी वाले धान को 5 बजे से पहले उठाकर स्टेकिंग सुनिश्चित करें।
•किसानों को केवल जारी टोकन के आधार पर बारदाना उपलब्ध कराया जाए।
•बारदाना खरीदी से पहले किसी भी किसान को बारदाना न दिया जाए।
•FAQ के अनुसार धान की किस्मवार सैंपल केंद्रों में प्रदर्शित हों।
इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बाट अनिवार्य—17% से अधिक नमी वाला धान नहीं खरीदा जाएगा
•सभी केंद्रों में इस वर्ष इलेक्ट्रॉनिक काटा-बाट का ही उपयोग किया जाएगा।
•मैन्युअल बाट केवल विशेष स्थिति में, और वह भी एसडीएम की अनुमति के बाद।
•14–17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीदी पूरी तरह प्रतिबंधित।
अचानक बारिश से सुरक्षा—स्टेकिंग और ड्रेनेज पर जोर
•धान की सुरक्षा हेतु केंद्रों में ड्रैनेज, कैप कवर (बोरी/भूसा) और
•स्टेक के आसपास उचित नाली निर्माण अनिवार्य बताया गया।
औसत उपज से अधिक धान पर त्वरित जांच—कोचिया-बिचौलियों पर कड़ा नियंत्रण
अधिकारियों ने कहा—
•यदि कोई व्यक्ति गांव की औसत उपज से अधिक धान का टोकन लेता है, तो तुरंत जांच की जाए।
•यदि धान खरीफ मौसम का न होकर अन्यत्र से एकत्रित पाया जाता है, तो वह धान किसी भी स्थिति में खरीदा न जाए।
•कोचिया/बिचौलियों द्वारा अन्य किसानों के नाम पर धान खपाने के प्रयास पर फौरन कार्रवाई की जाए और नोडल अधिकारी को सूचना दी जाए।
27 अनुपस्थित समिति प्रबंधकों को नोटिस—सभी प्रशिक्षण में हुए उपस्थित
बैठक में बताया गया कि शासन की प्राथमिकता को देखते हुए जिले के 27 समिति प्रबंधक, जो खरीदी केंद्रों में ड्यूटी के बाद भी अनुपस्थित पाए गए, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। सभी ने जवाब प्रस्तुत कर आज के प्रशिक्षण में भी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत CEO प्रखर चंद्राकर, सहकारिता की सहायक आयुक्त महेश्वरी तिवारी, जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समग्र रूप से, जिले में धान खरीदी की तैयारियाँ अब अधिक कसावदार, सख्त और नियमबद्ध चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।