खैरागढ़। CG NEWS: नगर पालिका परिषद खैरागढ़ की दुकान नीलामी में हुए गंभीर वित्तीय घोटाले पर अब राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने नीलामी प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोमल ठाकुर और राजस्व शाखा प्रभारी राजेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वर्ष 2025 की नीलामी में दुकानों की बोली 40–60% तक घटाए जाने, और प्रथम नीलामी के बकायादार को पुनः भाग लेने देने जैसी गंभीर अनियमितताओं से नगर पालिका को ₹64.77 लाख का नुकसान हुआ था। इसी मामले की शिकायत विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नगरीय प्रशासन विभाग रायपुर को भेजी थी, जिसके आधार पर शासन ने यह कठोर कार्रवाई की।

जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया और नीलामी प्रक्रिया को प्रभावित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, दुर्ग कार्यालय रहेगा।
विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने कहा—
“मैं भाजपा सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग का धन्यवाद करता हूँ। यह निर्णय स्वागत योग्य है, पर सिर्फ निलंबन से हम संतुष्ट नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस पार्षद दल इस पूरे भ्रष्टाचार में शामिल जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएंगे। जिस तरह इस मामले में त्वरित कार्रवाई हुई है, उसी प्रकार अन्य विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने भी कठोर रुख अपनाते हुए कहा—

“यह सिर्फ नीलामी घोटाला नहीं, बल्कि जनता के राजस्व की खुली लूट है। हमने पहले ही कहा था कि यह संगठित भ्रष्टाचार है। अब जब शासन ने अनियमितता को मानते हुए निलंबन किया है, तो हम कांग्रेस पार्षद दल के साथ मिलकर सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। पूरे प्रकरण की आपराधिक जांच अनिवार्य है।”
शासन की कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बाद यह मामला अब स्पष्ट रूप से आपराधिक जांच और बड़े प्रशासनिक निर्णय की दिशा में बढ़ रहा है।
अब यह मामला उच्च स्तरीय जांच और संभावित आपराधिक कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।