असम। नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव का मामला सामने आया। समागुरी के बरमा इलाके में चुनावी कार्यक्रम के लिए जा रहे काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा, AICC सचिव मनोज चौहान समेत कई नेता मौजूद थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने काफिले पर पत्थर फेंके। घटना में कुछ वाहनों के क्षतिग्रस्त होने और एक कांग्रेस नेता के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
गोगोई ने वीडियो शेयर, BJP पर लगाया आरोप
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उनके और भूपेश बघेल के वाहन पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से सूचना दी गई थी, लेकिन स्थिति बिगड़ने दी गई। गोगोई ने कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा की क्षतिग्रस्त गाड़ी का वीडियो भी साझा किया। उनके मुताबिक, AICC सचिव मनोज चौहान वाहन के अंदर मौजूद थे और उन्हें पत्थर लगने से चोट आई।
भूपेश बघेल ने भी BJP पर लगाया आरोप
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस के चुनावी काफिले पर हमला किया गया और वाहनों पर पत्थर फेंके गए, जिससे शीशे टूटे और कुछ लोगों को चोटें आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस वाहन में वह और गौरव गोगोई मौजूद थे, उस पर एसिड फेंका गया था और कुछ मोटरसाइकिल सवारों ने काफिले का पीछा किया। बघेल ने कहा कि घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत की गई है और कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर एवं एसपी से भी मुलाकात की। इन आरोपों में एसिड फेंके जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने संभाली स्थिति
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मौके पर तैनात CRPF जवानों पर भी पथराव की बात सामने आई। सुरक्षा बलों ने बाद में स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के पूरे क्रम और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं ने असम सरकार, पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव प्रचार के दौरान हुई इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।