धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में निकली यात्रा, गदा चौक से अटल आवास तक गूंजे मां के जयकारे
बिलासपुर देवरीखुर्द। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सोमवार को देवरीखुर्द कवार्ड क्रमांक 42 चंद्र शेखर
आजाद नगर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में इस वर्ष जिले की पहली और सबसे विशाल चुनरी यात्रा बड़े ही धूमधाम के साथ निकाली गई। सोमवार को संपन्न हुई इस भव्य यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं पूरे उत्साह के साथ शामिल हुईं। गदा चौक से शुरू होकर यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए गदा चौक पहुंचकर महाआरती के साथ संपन्न हुई।

गदा चौक पर हवन-पूजन के साथ हुआ श्रीगणेश
सोमवार दोपहर को देवरीखुर्द के गदा चौक पर भारी भीड़ एकत्रित हुई। यात्रा के विधिवत शुभारंभ से पहले चौक पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. बांधी, शहर के महापौर पूजा विधानी , गायत्री साहू, महामंत्री जितेंद्र राय, कुसुमलता श्रीवास, मिथलेश सिंह, विक्की यादव, एसपी सिंह, मनोज सिंह,समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।

अतिथियों ने पूरे विधि-विधान से माता रानी की आरती की और चुनरी का पूजन कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान 'जय माता दी' और 'शेरावाली माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लाल और पीली चुनरी साड़ियों में सजी महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
हर कदम पर हुआ स्वागत
धर्म जागरण मंच के पूर्व जिला संयोजक बीपी सिंह ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद नगर (वार्ड क्रमांक 42) में यह धार्मिक आयोजन पीछे वर्षों की तरह इस बार और भी भव्य रूप में किया गया। यात्रा गदा चौक से शुरू होकर संत रविदास चौक, खाल्हेपारा, सतबहिनिया मंदिर और देवरीखुर्द मेन रोड होते हुए अपने गंतव्य देवरीखूर्द गदा चौक तक पहुंची।
यात्रा को लेकर वार्डवासियों में भारी उत्साह था। मार्ग में पड़ने वाले लगभग सभी घरों के सामने लोगों ने सुबह से ही साफ-सफाई कर आकर्षक रंगोलियां सजाई थीं। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही थी, बालकनी और छतों पर खड़े लोग माता की चुनरी पर फूलों की बारिश कर रहे थे। जब यह विशाल यात्रा संत रविदास चौक और खाल्हेपारा पहुंची, तो भक्तों की भारी भीड़ ने चुनरी का भव्य स्वागत किया। सतबहिनिया मंदिर के पास स्थानीय श्रद्धालुओं ने माता की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर माता का आशीर्वाद लिया।
भजन मंडलियों ने बांधा समां, जगह-जगह लगे सेवा स्टॉल
चुनर यात्रा के आगे-आगे चल रही भजन मंडलियां माता के कर्णप्रिय और भक्तिमय भजन गा रही थीं। ढोल और नगाड़ों की थाप पर युवा और महिलाएं थिरकते हुए आगे बढ़ रहे थे। नवरात्र के व्रत और दोपहर की धूप के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यात्रियों की सुविधा और सेवा के लिए पूरे मार्ग में कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और मोहल्लेवासियों ने स्टॉल लगाकर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को फल, चाय, शरबत और ठंडा पानी पिलाया..
आस्था का प्रतीक बनी चुनरी यात्रा
विभिन्न समाजों के प्रमुखों ने भी रास्ते में आरती कर माता का स्वागत किया।
कार्यक्रम के संयोजक बीपी सिंह ने बताया कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और माता के प्रति आस्था का प्रतीक है। क्षेत्र के लोगों ने महीनों से इस दिन के लिए तैयारियां की थीं और आज का यह जनसैलाब उस मेहनत का परिणाम है।
सतबहिनिया मंदिर में महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ समापन
शाम ढलते-ढलते यह विशाल चुनरी सतबहिनीय मंदिर पहुंची जहां मां की आरती हुई।
तत्पश्चात भव्य चुनर यात्रा गदा चौक पहुंची। यहां माता रानी को जयकारों के बीच पूरे विधि-विधान से महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस भव्य आयोजन ने पूरे देवरीखुर्द क्षेत्र को शक्ति की आराधना में डूबा दिया...