13 करोड़ लोगों के नाम हटने पर केंद्रीय मंत्री खटिक बोले- तथ्यों को समझें, SIR जरूरी
बिलासपुर। गांधी चौक से नेहरू चौक तक 2.8 किलोमीटर का लंबा सफर और करीब सवा घंटे तक सड़कों पर दिखा भाजपा का जोरदार शक्ति प्रदर्शन। हाथों में पार्टी के झंडे लिए और ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के गगनभेदी नारों के बीच शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने शहर में एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का नेतृत्व केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने किया।
दोपहर ठीक 3:30 बजे गांधी चौक से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शाम 4:45 बजे नेहरू चौक पहुंची, जहां इस मार्च ने एक बड़ी जनसभा का रूप ले लिया। पूरे आयोजन के दौरान 'सिस्टेमैटिक रोल रिवीजन' (एसआईआर - SIR) का मुद्दा सबसे ज्यादा छाया रहा। भाजपा के दिग्गज नेताओं ने इसे लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक बेहद जरूरी प्रक्रिया बताया और भ्रम फैलाने को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

तथ्यों के आधार पर समझें 13 करोड़ का आंकड़ा
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मतदाता सूची (एसआईआर) के मुद्दे पर स्थिति बिल्कुल स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची का होना बहुत जरूरी है। एसआईआर निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी के तहत होने वाली एक स्थापित और पारदर्शी प्रक्रिया है।"
उन्होंने आगे कहा कि इसमें मृत, स्थानांतरित हो चुके और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों का नियमानुसार निराकरण होना ही चाहिए, लेकिन इसके साथ ही प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। देश में एसआईआर के तहत करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की विपक्ष की चर्चा पर उन्होंने दो टूक कहा, "आंकड़ों को केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि तथ्यों और सच्चाई के आधार पर समझना चाहिए।"
हार का रोना रोती है कांग्रेस: तोखन साहू
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तो वह वोट चोरी का आरोप लगाने लगती है और रोना रोती है कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। वास्तव में कांग्रेस षड्यंत्र करके देश में अराजकता फैलाना और लोगों को बांटना चाहती है।"
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सीधे तौर पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने उन पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, "कांग्रेस को देश और यहां की जनता से ज्यादा सिर्फ एक परिवार की चिंता सताती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, और हमारे इस मजबूत लोकतंत्र में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है।"
अमर का कांग्रेस पर निशाना, कहा- चोर मचाए शोर
विधायक अमर अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने 1975 की इमरजेंसी की याद दिलाते हुए कहा, "कांग्रेस ने ही देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की थी और आम लोगों की स्वतंत्रता छीनी थी। आज विडंबना देखिए कि वही पार्टी लोकतंत्र के खतरे में होने की बात कर रही है।" उन्होंने देश में नक्सलवाद के खात्मे का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। अग्रवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं को 'लोकतंत्र का प्रहरी' बताते हुए कांग्रेस के रवैये पर तंज कसा और सीधे शब्दों में कहा- "यह तो वही बात हो गई कि चोर मचाए शोर।"
शहर के वार्डों से कम भीड़, ग्रामीण कार्यकर्ता रहे हावी
इस शक्ति प्रदर्शन वाली पदयात्रा में भाजपा के कई दिग्गज चेहरे नजर आए। इनमें बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, पूर्व विधायक रजनीश सिंह, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह और मनीष अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
हालांकि, भीड़ के लिहाज से एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली। पदयात्रा में शहर के वार्डों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी काफी अधिक रही। पूरे रास्ते ग्रामीण कार्यकर्ताओं ने ही पदयात्रा में ज्यादा जोश भरा। इस पूरी भीड़ में सबसे कम संख्या मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र से आए लोगों की रही, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का
विषय बना हुआ है।