रायपुर। CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बीते दिनों मौसम के बदले तेवर ने कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी थी। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों में पानी बढ़ा और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। अब मौसम विभाग के अनुमान से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो सकता है, हालांकि रविवार को कुछ इलाकों में बादल बरसने की संभावना बनी हुई है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदलता नजर आया। बारिश थमने के बाद शहर में धूप खिली। वहीं, खारून नदी के बढ़े जलस्तर का असर महादेव घाट क्षेत्र में दिखाई दिया। पानी बढ़ने के कारण पुल पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के निचले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने जरूरी कदम उठाए।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी कुछ स्थानों पर बना रह सकता है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में बारिश का जोर कम रहने की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों में भी मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी में रविवार को मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन का पारा करीब 30 डिग्री और रात का तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। दुर्ग में सबसे अधिक 20 सेंटीमीटर पानी गिरा। पिपरिया में 19 सेंटीमीटर और रायपुर शहर में 18 सेंटीमीटर बारिश हुई। पखांजूर में 17 सेंटीमीटर, जबकि गंडई और भिलाई में 16-16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बोराई, बालोद, मंदिर हसौद, घुमका, धरसींवा, सिमगा, अर्जुन्दा और अंतागढ़ में भी 15-15 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव काफी ज्यादा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास बना अवदाब अब आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ घंटों में यह करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। इसके आगे उत्तर प्रदेश की ओर जाने की संभावना है।
मौसम प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के साथ ही छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां भी कम होने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव संभव है।
बारिश का असर कम होने के बावजूद नदी-नालों और जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य होने में समय लग सकता है। ऐसे में लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचना चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में रहने से भी बचें। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों और निर्देशों का पालन करना जरूरी है।