अभियान का सफल समापन, 27 नेत्र जाँच शिविरों में ग्रामीणों को मिली मदद
तिल्दा नेवरा आँखों की जाँच और सही समय पर इलाज मिलने से कई लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी राहत मिल सकती है। इसी सोच के साथ अदाणी फाउंडेशन के प्रोजेक्ट विज़न केयर के तहत अदाणी पावर लिमिटेड रायपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में करीब एक महीने तक नेत्र जाँच शिविर लगाए गए। यह अभियान 7 अगस्त से शुरू हुआ और 27 शिविरों के साथ बीते सप्ताह में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुँचाना और दृष्टिदोष से पीड़ित लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना था।
इस अभियान के दौरान रायपुर क्षेत्र के 16 गाँवों में 27 नेत्र जाँच शिविर लगाए गए। इनमें 2,785 ग्रामीणों की आँखों की जाँच की गई, जिनमें 1,760 पुरुष और 1,025 महिलाएँ शामिल थीं। गाँववार देखें, तो मुरा में 203, रायखेड़ा में 228, भाटापारा में 53, गैतरा में 91, खपरी में 77, चिचोली में 82, गौरखेड़ा में 215, ताराशिव में 236, छटोद में 319, कोनारी में 109, सोनतरा में 201, खमरिया में 175, मोहरेंगा में 375, बरतोरी में 184, तुलसी में 82 और बहिसर में 156 लोगों की आँखों की जाँच की गई। जाँच में 1,556 लोगों में दृष्टिदोष पाया गया। इनमें 1,546 लोगों को चश्मे की जरूरत थी। अदाणी फाउंडेशन की ओर से 922 लाभार्थियों को मौके पर ही निःशुल्क चश्मे दिए गए। बाकी चश्मे तैयार होकर मिलने के बाद संबंधित लाभार्थियों तक पहुँचाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जाँच में 171 लोगों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) और 962 लोगों में आँखों से जुड़ी अन्य बीमारियाँ पाई गईं। कुल 1,133 मरीजों को आगे के इलाज और विशेषज्ञ की सलाह के लिए रेफर किया गया, ताकि उन्हें समय पर जरूरी उपचार मिल सके।
ग्रामीणों ने इस पहल के लिए अदाणी फाउंडेशन का आभार जताया। उनका कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में ही स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिली। इस पहल से खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को लाभ मिला।
अदाणी फाउंडेशन क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास के लगातार काम कर रही है। इन्हीं जनहित की पहलों के जरिए वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास भी जारी रहेगा।