Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में केंद्र सरकार और देश की मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधा। ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ थीम पर हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस सिस्टम से है, जो उनके मुताबिक देश की कई संस्थाओं को प्रभावित कर रहा है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कथित सिस्टम की टॉप लेयर में 6 लोग हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपति गौतम अडानी व मुकेश अंबानी के नाम लिए। राहुल ने इन लोगों को क्रमशः राजनीतिक, सुरक्षा, वैचारिक और आर्थिक प्रभाव से जोड़ते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्र बेरोजगारी, भर्ती में देरी, पेपर लीक, विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल पूछते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, यही सवाल पूछने की प्रवृत्ति कथित सिस्टम के लिए चुनौती बनती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने भविष्य और देश की व्यवस्था को लेकर सवाल करने का अधिकार है।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के छात्रों ने MPPSC, सरकारी भर्तियों में देरी, परीक्षा परिणाम और रिक्त पदों से जुड़ी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं। छात्रों ने 13 फीसदी पदों के लंबित रहने और भर्ती प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों का भी मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े भी पेश किए और देश में शिक्षक पदों की रिक्तियों तथा स्कूलों से जुड़े दावे किए। ये आंकड़े और आरोप राहुल गांधी के कार्यक्रम में दिए गए दावे हैं; इन सभी की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि शिक्षा, रोजगार और संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना जरूरी है। उनके भाषण के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उनके ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ नैरेटिव पर सवाल उठाए।