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CG NEWS: 400 छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम, शिक्षक नहीं होने से फूटा गुस्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन, नए प्राचार्य की नियुक्ति

26 Aug 2026 | WEENEWS DESK | 821 views
CG NEWS: 400 छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम, शिक्षक नहीं होने से फूटा गुस्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन, नए प्राचार्य की नियुक्ति

दुर्ग। CG NEWS: दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र के ग्राम पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मंगलवार को ऐसा नजारा देखने को मिला जो छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गया। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की भारी कमी के खिलाफ खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन रात 12 बजे तक चला – यानी करीब 12 घंटे तक बच्चे सड़क पर जमे रहे।

स्कूल में करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन पढ़ाने वाले सिर्फ 3 शिक्षक और एक प्राचार्य थे। छात्रों का कहना था कि कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है, खासकर आर्ट्स और कॉमर्स विषयों के। कई विषयों की नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही थी, सिलेबस अधूरा रह जा रहा था और परीक्षाओं का दबाव बढ़ रहा था। “हम पढ़ाई छोड़कर सड़क पर नहीं बैठना चाहते, लेकिन शिक्षक नहीं होंगे तो भविष्य कैसे बनेगा?” – यही सवाल बच्चों के होंठों पर था।

यह पहली बार नहीं था। 21 अगस्त को भी छात्र इसी मुद्दे पर सड़क पर उतरे थे। तब प्रशासन ने आश्वासन दिया था, दो शिक्षकों को अटैच भी किया गया था, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं बनी। चार दिन बाद जब मांगें अधूरी रहीं, तो जेन अल्फा पीढ़ी ने दोबारा मोर्चा संभाला।

मौके पर SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे। उन्होंने बच्चों को समझाने की कोशिश की, खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। वे कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से मिलने की जिद पर डटे रहे। आखिरकार स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव (जिनका गृह जिला ही दुर्ग है) से फोन पर बातचीत हुई। आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शन खत्म हुआ।

परिणाम क्या निकला?

• 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे।

• नए प्राचार्य की नियुक्ति। पुराने प्राचार्य को हटाया गया।

• ओपन स्कूल व्यवस्था अगले सत्र से बंद करने का फैसला।

• कॉमर्स शिक्षक की जल्द व्यवस्था का भरोसा।

हालांकि छात्र 17 शिक्षकों की मांग पर अड़े थे। विभाग ने आंशिक राहत दी, लेकिन स्थायी और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था

का सवाल अभी भी बाकी है।

यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह शिक्षा मंत्री के अपने जिले में हुआ। पहले सेलूद स्कूल में भी छात्र शौचालय और बाउंड्रीवॉल को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से मुद्दा बनी हुई है। बच्चे कह रहे हैं – हमें राजनीति नहीं, सिर्फ शिक्षक चाहिए। वे स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं।

जेन अल्फा की यह आवाज सिर्फ एक स्कूल की नहीं, पूरे शिक्षा तंत्र की चेतावनी बन गई है। क्या प्रशासन स्थायी समाधान देगा, या फिर से आश्वासन ही मिलेंगे? पेंड्रावन के इन बच्चों ने साबित कर दिया कि जब हक की बात आती है, तो उम्र कोई मायने नहीं रखती।


WEENEWS DESK
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