CG | Wed, 09 September 2026

No Ad Available

CG News: 3 महीने अंधेरे में पढ़ाई, 16 किमी पैदल कलेक्टर के पास पहुंचीं छात्राएं; CM साय के फोन के बाद प्राचार्य हटे, वार्डन को नोटिस

09 Sep 2026 | WEENEWS DESK | 931 views
CG News: 3 महीने अंधेरे में पढ़ाई, 16 किमी पैदल कलेक्टर के पास पहुंचीं छात्राएं; CM साय के फोन के बाद प्राचार्य हटे, वार्डन को नोटिस

अंबिकापुर/सरगुजा। CG News: सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राओं की शिकायत ने अब प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल और छात्रावास की समस्याओं से परेशान छात्राएं सोमवार को अपनी बात सीधे कलेक्टर तक पहुंचाने के लिए सड़क पर उतर गईं। छात्राएं करीब 16 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट की ओर पैदल निकल पड़ीं।

बताया गया कि छात्राओं की संख्या अलग-अलग रिपोर्टों में 45 से 50 के आसपास बताई गई है। वे शिवपुर से अंबिकापुर की ओर पैदल बढ़ रही थीं। प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं कलेक्टर से मिलकर ही अपनी समस्या बताने पर अड़ी रहीं। बाद में रास्ते से उन्हें बस के जरिए अंबिकापुर लाया गया।

बिजली से लेकर पढ़ाई और मेस तक शिकायत

कलेक्टर अजीत वसंत के सामने छात्राओं ने विद्यालय और छात्रावास की कई समस्याएं रखीं। छात्राओं के मुताबिक विद्यालय में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई थी। इसके अलावा फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, शिक्षकों की कमी थी और मेस में साफ-सफाई तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें थीं।

छात्राओं का आरोप था कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। आखिरकार उन्होंने स्कूल से निकलकर सीधे जिला प्रशासन के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया।

CM साय ने कलेक्टर से फोन पर ली पूरी जानकारी

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली और इस बात पर नाराजगी जताई कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याएं बताने के लिए पैदल निकलना पड़ा।

CM साय ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली, शिक्षकों की कमी, पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने को कहा। उन्होंने आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की नियमित समीक्षा तथा अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

जांच के बाद प्राचार्य हटाए गए

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी। जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं और कर्मचारियों से पूछताछ की और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।

इसके बाद प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटाकर सहायक आयुक्त कार्यालय में संलग्न कर दिया गया। अंग्रेजी विषय की पीजीटी शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी को प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है। वहीं मैनपाट एकलव्य विद्यालय से जुड़े शिक्षक अरविंद अशोक तिग्गा को उनके मूल पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त किया गया है।

अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस, वेतन पर भी कलेक्टर की निगरानी

मामले में छात्रावास अधीक्षिका आयुषी सोनी को कथित शासकीय कार्य में लापरवाही और उदासीनता को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा विद्यालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन भुगतान को कलेक्टर एवं जिला स्तरीय समिति की स्वीकृति से जोड़ दिया गया है।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छात्राओं को कलेक्टर तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर पैदल चलने की नौबत पहले ही रोकी जा सकती थी? प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन असली परीक्षा अब यह होगी कि विद्यालय की बिजली, पढ़ाई, भोजन और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान कितनी जल्दी होता है।


WEENEWS DESK
WEENEWS DESK

Join WhatsApp


❌ No active feeds found.