जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया पर हुई एक दोस्ती कैसे ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आत्मघाती कदम तक पहुंच सकती है, इसका सनसनीखेज मामला जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक 21 वर्षीय युवक को उसकी निजी तस्वीरों के जरिए कथित रूप से ब्लैकमेल कर एक लाख रुपये की मांग की गई। लगातार मिल रही धमकियों और बदनामी के डर से युवक इतना तनाव में आ गया कि उसने जहर खा लिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव से आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर हुई पहचान, फिर बढ़ी नजदीकियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि अकलतरा निवासी 21 वर्षीय प्रफुल्ल जांगड़े की पहचान कुछ समय पहले सोशल मीडिया के जरिए राजनांदगांव निवासी एक महिला से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। इसी दौरान महिला के पास युवक की कुछ निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें पहुंच गईं।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई देता रहा, लेकिन कुछ समय बाद यही तस्वीरें युवक के लिए मुसीबत का सबसे बड़ा कारण बन गईं।
तस्वीरें वायरल करने की धमकी, और पैसों की मांग
जांच अधिकारियों के अनुसार पिछले करीब 12 से 15 दिनों से महिला लगातार युवक पर दबाव बना रही थी। आरोप है कि वह निजी तस्वीरों को इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग कर रही थी।
इतना ही नहीं, महिला ने कथित तौर पर कुछ तस्वीरें युवक के परिजनों के मोबाइल नंबरों पर भी भेज दीं। इससे युवक के परिवार में हड़कंप मच गया और वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया।
बदनामी के डर ने तोड़ दिया हौसला
लगातार मिल रही धमकियों, परिवार तक तस्वीरें पहुंचने और सामाजिक बदनामी की आशंका ने युवक को अंदर तक झकझोर दिया। पुलिस के मुताबिक मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
परिजनों ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। राहत की बात यह है कि युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
पिता की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद युवक के पिता ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया। मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
डिजिटल ट्रैकिंग से राजनांदगांव पहुंची टीम
तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद एक विशेष टीम राजनांदगांव रवाना हुई और महिला को हिरासत में लेकर अकलतरा लाई गई।
पूछताछ के दौरान महिला ने कथित रूप से ब्लैकमेलिंग से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें व्हाट्सएप चैट, फोटो और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
मोबाइल से मिले अहम सबूत
जांच अधिकारियों का कहना है कि जब्त मोबाइल में कई ऐसे डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं जो मामले की कड़ियों को जोड़ने में मदद कर रहे हैं। साइबर विशेषज्ञ इन साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह की घटनाओं में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।
आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज किया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी महिला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर ब्लैकमेल के मामले
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बढ़ती नजदीकियां कई बार गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं। निजी तस्वीरें, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि साइबर अपराधी इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और उगाही के लिए करते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के बाद इस प्रकरण में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।