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Monsoon 2026 : भारत में कब होगी मानसून की एंट्री ? इंतजार बढ़ा, लेकिन राहत की बारिश जल्द, IMD ने बताई नई तारीख

02 Jun 2026 | WEENEWS DESK | 41 views
Monsoon 2026 : भारत में कब होगी मानसून की एंट्री ? इंतजार बढ़ा, लेकिन राहत की बारिश जल्द, IMD ने बताई नई तारीख

डेस्क। Monsoon 2026 : देशभर में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों की निगाहें दक्षिण-पश्चिम मानसून पर टिकी हुई हैं। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार 2 जून तक भी इसकी औपचारिक एंट्री नहीं हो सकी है। हालांकि मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होंगी और 4 से 5 जून के बीच मानसून केरल तट पर दस्तक दे सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून दक्षिण अरब सागर, लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर तक सक्रिय है। केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जरूर हो रही है, लेकिन इसे मानसून की आधिकारिक शुरुआत नहीं माना जा रहा है।

क्यों हुई देरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार हिंद महासागर से आने वाली नमी वाली हवाएं अपेक्षाकृत कमजोर रहीं, जिससे मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। वहीं बंगाल की खाड़ी में भी कोई मजबूत मौसमी सिस्टम विकसित नहीं हो पाया, जो मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करता। हालांकि अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों क्षेत्रों में नमी बढ़ रही है और अगले 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हो गई है।

छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों को कब मिलेगी राहत?

IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मानसून 15 जून के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि इससे पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगेंगी। छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले सप्ताह से आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम

राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 5 से 8 जून के बीच आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे लू का असर काफी कम हो जाएगा।

आगे क्या?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि केरल में मानसून की एंट्री के बाद इसकी रफ्तार सामान्य रह सकती है। यदि बंगाल की खाड़ी में कोई कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून बारिश ही गर्मी से राहत देने का काम करेगी।

देशभर के किसानों और आम लोगों को अब मानसून की पहली दस्तक का इंतजार है, जो अगले कुछ दिनों में खत्म हो सकता है।

 


WEENEWS DESK
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