बिलासपुर। जिले के कलेक्ट्रेट का मंथन सभा कक्ष मंगलवार को बेहद भावुक पलों का गवाह बना। जिले के सभी बड़े अफसर उस अधिकारी को विदाई देने के लिए एक साथ जुटे थे जिनका तीस साल का करियर पूरी तरह बेदाग रहा है। बिलासपुर के अपर कलेक्टर एस एस दुबे अपनी लंबी शासकीय सेवा पूरी करने के बाद रिटायर हो गए। विदाई समारोह में दुबे ने साफ संदेश दिया कि वह सिर्फ सरकारी पद से रिटायर हो रहे हैं। समाज और आम लोगों से उनका रिश्ता पहले की तरह ही कायम रहेगा। उनका कहना था कि नौकरी खत्म हुई है लेकिन जनसेवा का उनका जज्बा हमेशा बना रहेगा।
जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने दुबे को शाल और श्रीफल भेंट कर पूरे सम्मान के साथ विदाई दी। दोनों अधिकारियों ने उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की। इस मौके पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि किसी भी अधिकारी की असली पहचान उसकी कुर्सी से बिल्कुल नहीं होती। अधिकारी अपने काम और आम जनता के साथ अपने व्यवहार से पहचाना जाता है। एस एस दुबे ने अपने पूरे कार्यकाल में हमेशा जनता के हितों को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने भी दुबे के साथ काम करने के दिनों को याद किया। उन्होंने दुबे की प्रशासनिक पकड़ और काम करने के शानदार तरीके की जमकर तारीफ की।
विदाई के इस खास मौके पर अपर कलेक्टर एस एस दुबे अपने पुराने दिनों को याद करते हुए काफी भावुक हो गए। उन्होंने अपने तीन दशक लंबे सफर के अनुभव सभी अधिकारियों के साथ साझा किए। दुबे ने बताया कि सरकारी सेवा उनके लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं थी। यह हमेशा से आम जनता की सीधे तौर पर सेवा करने का एक बड़ा माध्यम रही है। उन्होंने अपने सभी साथियों को उनके लगातार सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद दिया।
इस भावुक विदाई समारोह में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल और अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी भी मौजूद रहे। इनके अलावा कलेक्ट्रेट के कई अधिकारी और कर्मचारी भारी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने नम आंखों से अपने इस शानदार अफसर को विदाई दी और उनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।