कौशांबी। गांजा तस्करी के एक मामले में आरोपियों की तलाश करने उत्तर प्रदेश पहुंचे छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों को उस वक्त भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब एक आरोपी की चालाकी ने पूरे गांव को पुलिस के खिलाफ खड़ा कर दिया। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को पीड़ित दिखाते हुए “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों को ग्रामीण पहचान नहीं सके और देखते ही देखते हालात हिंसक हो गए।
मामला उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का है, जहां रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में दर्ज गांजा तस्करी के मामले की जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ भी लिया, लेकिन दूसरे आरोपी को पकड़ने के प्रयास में पूरा घटनाक्रम अचानक बदल गया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने खेला दांव
जानकारी के अनुसार जब पुलिस दूसरे आरोपी तक पहुंची तो उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। गांव के लोगों ने शोर सुना तो बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। चूंकि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे, इसलिए ग्रामीणों को उन पर शक हो गया। कुछ ही मिनटों में भीड़ बढ़ती चली गई और लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया। पुलिसकर्मी अपनी पहचान बताते रहे, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उनकी बात सुनने के बजाय हमला बोल दिया।
जवानों पर बरसे लात-घूंसे और डंडे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इस हमले में पुलिसकर्मी जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य जवानों ने किसी तरह खुद को बचाया और हालात संभालने की कोशिश की।
घटना के दौरान पुलिस टीम को काफी देर तक संघर्ष करना पड़ा। हमले के बाद घायल जवान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही पहुंची स्थानीय पुलिस
स्थिति बिगड़ती देख तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाते हुए हालात को नियंत्रण में लिया। इसके बाद पूरी घटना की जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम विधिवत जांच के लिए आई थी और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय में कार्रवाई कर रही थी। लेकिन आरोपी द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई।
पांच गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस कर्मियों पर हमला करने और कानून व्यवस्था भंग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि हमले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
तस्करी नेटवर्क की जांच भी जारी
सूत्रों के अनुसार जिस मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस उत्तर प्रदेश पहुंची थी, वह गांजा तस्करी से जुड़ा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। आशंका है कि तस्करी से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस दो मोर्चों पर काम कर रही है। एक तरफ गांजा तस्करी के आरोपियों की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस टीम पर हुए हमले की विस्तृत जांच भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।