बिलासपुर। CG News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक मामले में आरोपी बेटे महात्मा यादव की उम्रकैद की सजा को कम करते हुए उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में लकड़ी रखने के मामूली विवाद पर आरोपी ने गुस्से में आकर अपने पिता जंगली यादव पर पिकअप वाहन चढ़ा दिया था, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
निचली अदालत ने इसे सुनियोजित हत्या मानते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पाया कि यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी बल्कि अचानक हुए विवाद और तात्कालिक आवेश का परिणाम थी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि आरोपी का इरादा हत्या का नहीं था, लेकिन उसे यह ज्ञान था कि उसका कृत्य घातक हो सकता है, इसलिए इसे गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में रखते हुए धारा 304 भाग-1 के तहत सजा का प्रावधान किया गया। इस प्रकार, हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उसे राहत प्रदान की है और अब आरोपी को शेष 10 वर्ष की सजा जेल में काटनी होगी।