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CG NEWS : भाजपा नेता से अभद्र व्यवहार करना पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रुपेश पांडे निलंबित, जानिए पूरा मामला

01 Jun 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 8 views
CG NEWS : भाजपा नेता से अभद्र व्यवहार करना पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रुपेश पांडे निलंबित, जानिए पूरा मामला

दुर्ग। CG NEWS : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से इस वक्त की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है। दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रुपेश पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ‘सुशासन तिहार’ के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने और जनप्रतिनिधियों व आम जनता के साथ अमर्यादित व्यवहार करने के चलते उन पर यह गाज गिरी है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा पहले ही ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जा चुका था, जिसके बाद अब निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम थनौद में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस शिविर में लोगों की शिकायतें सुनी जा रही थीं और मौके पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी मौजूद थे।

इसी दौरान भाजपा मंडल महामंत्री व स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ एक सामुदायिक भवन की राशि जारी करने के मामले को लेकर जनपद सीईओ रुपेश पांडे की बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सीईओ अपना आपा खो बैठे।

विधायक के सामने दी थी धमकी, वीडियो हुआ वायरल

विवाद के दौरान जनपद सीईओ रुपेश पांडे ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में ही भाजपा नेता को उंगली दिखाते हुए बेहद तीखे लहजे में कहा, “तुझे जो करना है कर ले, मेरा क्या…”।

 

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विधायक के सामने ही प्रशासनिक अधिकारी द्वारा सत्ताधारी दल के नेता को इस तरह खुलेआम धमकी देने और दुर्व्यवहार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना के बाद से ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश था।

कलेक्टर ने जारी किया था नोटिस

सुशासन के मंच पर इस तरह की अनुशासनहीनता और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लिया। शुरुआती तौर पर सीईओ रुपेश पांडे को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा गया था। जवाब संतोषजनक न होने और सुशासन तिहार जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाने के कारण आखिरकार शासन स्तर पर उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

प्रशासनिक हलके में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद दुर्ग जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सरकार की ओर से यह साफ संदेश देने की कोशिश की गई है कि जनता की समस्याओं के निवारण के लिए लगाए जा रहे शिविरों में किसी भी अधिकारी की लापरवाही, तानाशाही या अमर्यादित व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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