भानुप्रतापपुर। CG NEWS : नक्सल प्रभावित रहे बस्तर अंचल में जहां शासन विकास कार्यों को तेज गति देने में जुटा है, वहीं लोक निर्माण विभाग में सामने आ रहे कथित कमीशनखोरी के आरोप अब इन योजनाओं पर सवाल खड़े करने लगे हैं।
अंतागढ़ से नारायणपुर तक बन रही करोड़ों रुपये की सड़क परियोजना, जिसे बस्तर क्षेत्र की लाइफलाइन माना जा रहा है, अब विभागीय विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण चर्चा में आ गई है।
यह सड़क भानुप्रतापपुर को अंतागढ़, नारायणपुर, कोंडागांव, जगदलपुर और दंतेवाड़ा जैसे प्रमुख जिलों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। सड़क निर्माण पूरा होने से आम जनता को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ व्यापार, परिवहन और माइनिंग गतिविधियों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर नारायणपुर क्षेत्र में संचालित खनिज गतिविधियों के कारण शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

इसी बीच सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार नवीन अग्रवाल ने भानुप्रतापपुर थाना में लिखित आवेदन देकर लोक निर्माण विभाग के DA सूरज कुमार साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि 465 लाख रुपये के बिल भुगतान के एवज में 10 लाख रुपये कमीशन की मांग की गई। आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद जानबूझकर चेक जारी नहीं किया जा रहा।
ठेकेदार ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि भुगतान के लिए लगातार संपर्क करने पर मानसिक दबाव बनाया गया और अभद्र व्यवहार किया गया। सूत्रों के अनुसार मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। चर्चा है कि ठेकेदार ने संबंधित कर्मचारी के घर जाकर बातचीत करने का प्रयास भी किया, जहां कथित तौर पर साफ कहा गया ,,,,जब तक पैसे नहीं दोगे, काम नहीं होगा और अपशब्दों का उपयोग किया गया।
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल एक विभागीय विवाद नहीं बल्कि बस्तर के विकास कार्यों में बाधा डालने वाला गंभीर विषय माना जाएगा। क्षेत्र में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या विकास परियोजनाएं भी कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाएंगी, या शासन ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।