डेस्क। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाला में जांच जारी है. एसीबी और ईओडब्ल्यू (EOW) की एफआईआर पर ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्य आरोपी रायपुर जिले के अभनपुर निवासी जय प्रकाश गांधी को 3.06.2026 को गिरफ्तार किया है. उन्हें माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर के समक्ष हाजिर किया गया, जिन्होंने आरोपी को तीन दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है, जिसपर सियासत भी तेज हो गई है.

जमीन अधिग्रहण के दौरान हुए घोटाले
देश में सड़क कनेक्टविटी के लिए केंद्र सरकारी महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक इकोनॉमिक कॉरिडोर (Raipur-Visakhapatnam Economic Corridor) का निर्माण हो रहा है. इस प्रोजेक्ट में रायपुर और धमतरी से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे के लिए अरबों रुपये का भूमि अधिग्रहण के दौरान घोटाला हुआ था, जिसको लेकर ईडी का लगातार छापमारी जारी है. ED ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी जयप्रकाश गांधी को भी गिरफ्तार किया है. आरोपी पर एक जमीन का 17 गुना मुआवजा का आरोप है.
इससे पहले ईडी भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के रिश्तेदार समेत भूमाफिया दलाल और राजस्व अधिकारी समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
ऐसे किया घोटाला
रायपुर और धमतरी से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे की एक जमीन को कई लोगों के नाम किया, उसे पुरानी तारीख में अवैध बटांकन करवा कर एनएचएआई से कई गुना मुआवजा लेकर बंदरवाट किया. यह जमीन घोटाला दलाल, अधिकारी और नेताओं का सिंडिकेट था. बताया जा रहा है कि एक जमीन का 500 वर्ग मीटर छोटे टुकड़े कर मुआवजा दिया गया. जय प्रकाश पर आरोप है कि उसने 56 लाख रुपये की जमीन कई लोगों के नाम की. फिर 17 गुना मुआवजा लगभग 9.83 करोड़ रुपये का घोटाला किया.
ये आरोपी अब तक हुए गिरफ्तार
ईडी इस घोटाला में कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये और 37 किलो चांदी जब्त कर चुकी है. मामले में जमीन कारोबारी जय प्रकाश गांधी, गोपाल गांधी और जमीन दलाल हरमीत खनूजा, एसडीओ निर्भय साहू, दो पूर्व एसडीएम और पटवारी अब तक गिरफ्तार हो चुके है.