बिलासपुर। Raksha Bandhan 2026 : भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। शुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग पर्व की शुभता को और बढ़ा रहा है। ऐसे में बहनें सुबह से शाम तक भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
पंडित दिनेश पांडेय महाराज के अनुसार, राहुकाल को छोड़कर पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहेगा। राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस अवधि को छोड़कर सुबह से शाम तक बहनों के पास राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय रहेगा। इससे शुभ मुहूर्त को लेकर परिवारों में किसी तरह का असमंजस नहीं रहेगा।
बीते वर्षों में रक्षाबंधन के दिन भद्रा के समय को लेकर लोगों में राखी बांधने के शुभ समय को लेकर असमंजस की स्थिति रहती थी। इस बार भद्रा की बाधा नहीं होने से बहनों को सुविधा होगी और दिनभर रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा।पंडित दिनेश पांडेय महाराज ने बताया कि शुक्रवार, पूर्णिमा और भद्रा की बाधा न होने का संयोग रक्षाबंधन के लिए शुभ माना जा रहा है। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करेंगी। वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लेंगे।
सबसे पहले भाई को साफ आसन पर बैठाएं. कोशिश करें कि पूजा के समय वातावरण शांत रहे. इसके बाद बहन पूजा की थाली अपने पास रखे.
भाई के माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं और उसके ऊपर अक्षत लगाएं. धार्मिक परंपरा में अक्षत को पूर्णता और मंगल का प्रतीक माना जाता है.
इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें. राखी बांधते समय भाई के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की जाती है.
राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें. फिर उसे मिठाई खिलाएं. भाई भी बहन को उपहार देकर उसके प्रति अपने स्नेह का इजहार करता है.
राखी बांधते समय जल्दबाजी करने के बजाय पूजा की रस्मों को सहज तरीके से पूरा करें. राखी बहुत ढीली या बहुत कसकर न बांधें. पूजा की थाली में रखी सामग्री साफ होनी चाहिए और दीपक जलाते समय भी सावधानी रखें.