नई दिल्ली। NEET Protest: NEET-UG 2026 पेपर लीक और उसके बाद देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में एक बड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दावा किया जा रहा है। दावे के अनुसार, शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित FIR को रद्द करने का आदेश दिया है।
बताया जा रहा है कि जुलाई 2026 में NEET परीक्षा को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज होने की बात सामने आई थी।
दावे में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने युवाओं के भविष्य और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष राहत प्रदान की। हालांकि, गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों को इस राहत से अलग रखने की बात भी कही गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुछ राज्य सरकारों और केंद्र की ओर से भी अदालत के समक्ष पुराने मामलों को आगे नहीं बढ़ाने और भविष्य में इसी घटना से संबंधित नई FIR दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया गया।
वहीं, NEET मामले से जुड़े कथित छात्र आंदोलन की ओर से प्रस्तावित आगामी मार्च को वापस लेने की जानकारी भी सामने आई है।
यह मामला युवाओं के भविष्य, विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, वायरल दावों में शामिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश, पीठ के विवरण, FIR की संख्या, राजनीतिक संगठन और अन्य तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि आवश्यक है।
नोट: पाठकों से अपील है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश या संबंधित सरकारी/न्यायिक दस्तावेज की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इस मामले को अंतिम तथ्य के रूप में स्वीकार करें।