मुंबई। Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव शुरू होने से पहले ही मुंबई का एक गणपति पंडाल अपनी भव्यता और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सुर्खियों में है। माटुंगा स्थित जीएसबी सेवा मंडल ने 2026 के गणेशोत्सव के लिए करीब 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया है। मंडल में स्थापित होने वाले महागणपति की प्रतिमा को इस बार भी बड़ी मात्रा में सोने-चांदी और कीमती रत्नों से सजाया जाएगा।
जीएसबी सेवा मंडल को मुंबई के सबसे समृद्ध गणपति मंडलों में गिना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रतिमा पर मौजूद बहुमूल्य आभूषणों और आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले सामान को देखते हुए सुरक्षा के लिए इतना बड़ा बीमा कराया जाता है।
मंडल के संयोजक डॉ. भुजंग पई के मुताबिक, इस साल महागणपति का श्रृंगार 66 किलोग्राम से अधिक सोने, करीब 335 किलोग्राम चांदी और कीमती रत्नों से किया जाएगा। इनमें से कई आभूषण श्रद्धालुओं की ओर से वर्षों से भक्ति स्वरूप अर्पित किए जाते रहे हैं।
इसी वजह से जीएसबी सेवा मंडल के गणपति को मुंबई के सबसे अमीर गणपतियों में शामिल किया जाता है। गणपति के दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
जीएसबी सेवा मंडल इस वर्ष अपना 72वां गणेशोत्सव मनाने जा रहा है। मंडल की ओर से 12 सितंबर 2026 की रात 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए ‘विराट दर्शन’ की पहली झलक प्रस्तुत की जाएगी।
इसके बाद पांच दिवसीय मुख्य गणेशोत्सव 14 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। आयोजन को लेकर मंडल की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
भव्य आयोजन के साथ इस बार पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मंडल की ओर से गणपति की प्रतिमा को पर्यावरण अनुकूल सामग्री से तैयार किया गया है।
इसके अलावा कागज की खपत कम करने के लिए दान और विभिन्न सेवाओं से जुड़ी रसीदों को डिजिटल कर दिया गया है। इससे श्रद्धालुओं के लिए प्रक्रिया आसान होने के साथ पेपर का इस्तेमाल भी कम होगा।
गणेशोत्सव के दौरान मंडल की ओर से बड़े स्तर पर अन्नदान भी किया जाएगा। अनुमान है कि प्रतिदिन 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को प्रसाद भोज कराया जाएगा।
पांच दिनों के दौरान दो लाख से अधिक लोगों के भोजन करने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को पारंपरिक तरीके से केले के पत्तों पर भोजन कराया जाएगा।
जीएसबी सेवा मंडल का गणपति ‘नवसाला पावनारा विश्वाचा राजा’ नाम से भी जाना जाता है। हर साल देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इस बार 703 करोड़ रुपये से ज्यादा के बीमा कवर, सोने-चांदी के भव्य श्रृंगार और बड़े स्तर पर होने वाले अन्नदान के कारण मुंबई का यह गणपति एक बार फिर गणेशोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने जा रहा है।